गुड्डन कांबोज की फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला
इसी दौरान जयवीर ने दरोगा पवन की पिस्टल छीन ली और भागने लगा। पुलिस की फायरिंग में जयवीर पैर में गोली लगने से घायल हो गया। इस दौरान एक लाइसेंसी पिस्टल, एक तमंचा, दरोगा की लूटी गई पिस्टल, पल्सर बाइक बरामद की गई। घायल को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
एसपी रामसेवक गौतम ने पुलिस लाइन में प्रेस वार्ता करते हुए बताया कि शार्प शूटरों ने गुड्डन की हत्या को अंजाम देना स्वीकार किया। पुलिस ने शार्प शूटरों के अलावा मृतक हिस्ट्रीशीटर गुड्डन की पहली पत्नी के बेटे सोनू कांबोज, मोहित कांबोज, पार्टनर कसेरवां गांव के रहने वाले हाल निवासी देहरादून ओमबीर, रेलपार कॉलोनी निवासी राहुल शर्मा को भी गिरफ्तार किया है। पूछताछ में बताया कि सोनू और मोहित ने उन्हें गुड्डन को मारने के लिए 10 लाख की सुपारी दी थी। बताया जा रहा है कि शार्प शूटरों के कुख्यात सुनील राठी गैंग से भी तार जुड़े हुए हैं। हालांकि, पुलिस अभी इसकी जांच कर रही है।
प्रापर्टी डीलर ओमबीर का गुड्डन से हो गया था विवाद
पुलिस की पूछताछ में पकड़े गए ओमबीर ने बताया कि वह पहले गुड्डन के साथ ही प्रापर्टी का काम करता था। मगर कुछ समय पूर्व उसका विवाद हो गया था। जिस कारण वह देहरादून जाकर व्यापार करने लगा था। गुड्डन का बेटा सोनू ओमबीर के पास देहरादून जाता रहता था। ओमबीर ने ही सोनू और मोहित को शार्प शूटर दिलाए। दस लाख में बात तय की गई जबकि ओमबीर ने पांच लाख रुपये खुद शार्प शूटरों को देने की बात कही थी।
आरोपियों बरामद किया गया असलहा।
- फोटो : अमर उजाला
यह था मामला
शामली शहर के कैराना रोड के रहने वाले लावण्य होटल के मालिक हिस्ट्रीशीटर गुड्डन कांबोज की एक सितंबर को बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। एसपी ने खुलासे के लिए पांच टीमों को लगाया था।
हत्या से एक दिन पहले ले ली थी शामली में शरण
शूटर जयवीर को कुछ दिन पूर्व ही हत्या की सुपारी दी थी। पांच हजार रुपये एडवांस दिए गए थे जबकि बाकी रुपये काम होने के बाद देने की बात तय की गई थी। शूटर हत्या से एक दिन पहले 31 अगस्त को शामली आ गए।
शामली में दोनों बेटों ने रेलपार काॅलोनी निवासी अपने दोस्त राहुल शर्मा की गत्ता फैक्ट्री में दोनों शार्प शूटरों को रुकवाया और सुबह करीब 5 बजे एक शार्प शूटर चादर तो दूसरा हेलमेट लगाकर पूर्वी यमुना नहर के पास गए जहां पर दोनों ने गोली मारकर गुड्डन की हत्या कर दी और मेरठ फरार हो गए।
लाल घेरे में पिता की हत्या करवाने वाले दोनों बेटे।
- फोटो : अमर उजाला