शामली में पिता गुड्डन कांबोज की हत्या कराने के बाद दोनों बेटे सोनू कांबोज और मोहित कांबोज विदेश भागने की तैयारी में थे। कुछ दिन और पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं करती तो वे हाथ से निकल सकते थे।
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पुलिस की पूछताछ में पता चला है कि गुड्डन के दोनों बेटों के पास जब पुलिस पूछताछ के लिए पहुंची तो उन्हें गिरफ्तारी का डर सताने लगा था। उन्होंने विदेश जाकर रहने का प्लान तैयार किया था। इसके लिए दूसरे आरोपी प्रॉपर्टी डीलर ओमबीर से भी बात की थी। यदि जल्द गिरफ्तारी नहीं होती तो दोनों विदेश भागने की तैयारी में थे।
आरोपियों बरामद किया गया असलहा।
- फोटो : अमर उजाला
चाचा-भतीजे ने घर जाकर मनाया था जश्न
पुलिस के अनुसार, वारदात को अंजाम देने के बाद बुढ़ाना से होते हुए दोनों शार्प शूटर अपने गांव बटावली बाइक पर सवार होकर पहुंचे थे। वहां पर रुपये आने की खुशी में जश्न मनाया था। खूब शराब पी थी।
सोनू ने नया सिम खरीदकर शार्प शूटरों को दिया था
आरोपियों ने बताया कि पुलिस को उन पर कोई शक नहीं हो, इसके लिए गुड्डन के बेटे सोनू ने शार्प शूटर जयवीर को नया सिम खरीदकर दिया था। उससे ही शार्प शूटर दोनों बेटों के संपर्क में थे। हत्याकांड के बाद आरोपियों ने सिम सिंभालका के जंगल में फेंक दिया था। बताया जा रहा है कि हत्या से पूर्व सुबह करीब 3 बजे भी गुड्डन के व्हाटसएप नंबर पर किसी ने बात की थी। पुलिस पता लगाने में जुटी है कि व्हाट्सएप पर गुड्डन की बात किससे हुई थी।
गोली लगने के बाद भी शूटरों से भिड़ा गुड्डन
हिस्ट्रीशीटर गुड्डन कांबोज गोली लगने के बाद घायलावस्था में भी करीब दो मिनट तक दोनों शार्प शूटरों से भिड़ता रहा। उसने शार्प शूटर जयवीर को पकड़ लिया था और दूसरे शार्प शूटर पर भी लगातार लात मार रहा था। मगर दूसरे शार्प शूटर ने एक के बाद एक तीन गोली मारकर उसे मौत के घाट उतार दिया। तीन गोली जयवीर ने पिस्टल से मारी, जबकि एक गोली उसके भतीजे शार्प शूटर आशू ने तमंचे से मारी। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि गुड्डन जिस समय उनसे भिड़ रहा था, उन्हें डर लगने लगा था कि कहीं वह पिस्टल छीनकर उनकी हत्या न कर दे। वे डर के मारने भागने वाले थे मगर रुपयों के लालच के कारण गोली मारने के बाद हत्या के बाद ही मौके से फरार हुए।