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‘हिंदू’ से भाजपा का ‘किनारा’

Thu, 16 Jun 2016 12:42 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
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Kairana drain case - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। पहले खुलकर हिंदू परिवारों के पलायन की बात कही गई और सूची भी इन्हीं के नाम की जारी की गई। इसके बाद सांसद हुकुम सिंह एकदम से पलट गए। मंगलवार को उन्होंने इसे कार्यकर्ताओं की गलती मानते हुये भूल स्वीकार भी कर ली। भाजपा के जांच दल ने भी हिंदू शब्द के इस्तेमाल से परहेज रखा। यह इत्तफाक नहीं, बल्कि रणनीति का हिस्सा है।  
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लोकसभा चुनाव में भाजपा को हिंदू मतों के एकमुश्त ध्रुवीकरण का भारी लाभ मिला था। विधानसभा चुनाव में भाजपा ऐसा चाहती तो है, लेकिन विकास के नाम पर सियासत के दावे के बीच खुलकर हिंदुत्व के एजेंडे पर नहीं आना चाहती है। कैराना भाजपा के लिये कितना खास मुद्दा है, इसका अंदाजा राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में इस मामले के उठने के बाद ही लग गया है। डर यह भी है कि स्थानीय समीकरणों के कारण दूसरे वर्ग का ध्रुवीकरण न हो जाए।

यही वजह है कि भाजपा सांसद हुकुम सिंह ने आठ जून को प्रेसवार्ता कर दावा किया था कि कैराना क्षेत्र में बढ़ती गुंडागर्दी और विशेष वर्ग को निशाना बनाकर की जा रही वारदातों की वजह से 346 हिंदू परिवारों ने पलायन कर दिया है। इतना ही नहीं, कश्मीर से जोड़ते हुए कहा था कि जैसे हालात कश्मीर में पंडितों के साथ हुए, वैसा ही कैराना में किया जा रहा है।
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इस सूची के जारी होने के बाद मामला सुर्खियां बन गया। दूसरे सियासी दलों ने हिंदू परिवारों के पलायन की बात पर ऐतराज जताया और भाजपा की घेराबंदी में जुट गए। इस पर भाजपा सांसद ने ही कह दिया कि हिंदू परिवारों ने ही नहीं, उन सभी लोगों ने पलायन किया, जिनके साथ वारदातें हुईं। 

एक सवाल के जवाब में भाजपा के जांच दल अध्यक्ष सुरेश खन्ना ने कहा कि पार्टी ने हिंदू परिवारों के पलायन की बात नहीं कही। इससे साफ है कि भाजपा बेशक पलायन प्रकरण में अपने एजेंडे पर कार्य कर रही है, मगर खुले तौर पर ऐसा कहने से किनारा भी कर रही है। सांसद के पलटने से इस बात का अंदाजा भी लगाया जा सकता है कि उन्हें हाईकमान से भी दिशा-निर्देश मिले हैं। 

यह बात और है कि कांधला को लेकर जो सूची जारी की गई तो उसमें भी सारे नाम गैर मुस्लिम ही थे। अब देखना यह है कि आने वाले दिनों में पश्चिम में भाजपा किस प्रकार हिंदुत्व और विकास के एजेंडे में संतुलन बैठाती है।
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