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ऊंचा गांव में बुखार का प्रकोप

Mon, 14 Sep 2015 12:23 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, शामली
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कैराना। एक माह से क्षेत्र के ऊंचा गांव में बुखार व डेंगू के प्रकोप के चलते एक दर्जन से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। गांव के अधिकांश परिवारों मेें बुखार का प्रकोप बना है। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से गांव में कोई खास इंतजाम नहीं है। इसके चलते अब ग्रामीणों को पूजा-पाठ का सहारा लेना पड़ रहा है।
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ऊंचा गाव में बुखार व डेंगू का प्रकोप दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। दो दिन पूर्व जहां ग्राम प्रधान के भाई अंकित की डेंगू के उपचार के बाद पानीपत नर्सिंग होम से छुट्टी हुई थी, वही शनिवार को खुद प्रधान रविंद्र चौहान को डेंगू की पुष्टि होने के बाद पानीपत नर्सिंग होम में भर्ती कराया है।

गांव के रामकुमार सिंघल को एक सप्ताह से बुखार होने के कारण परिजन शामली प्राइवेट चिकित्सक के पास उपचार करा रहे हैं। गांव के ही सहेंद्र को भी एक सप्ताह से बुखार आने के कारण उसका सरकारी अस्पताल में उपचार कराया जा रहा है। दो सगी बहनों सोनी व मोनिका को बुखार आने पर परिजन कैराना निजी चिकित्सक के पास उपचार करा रहे हैं।
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गांव के ही भूपेंद्र को दो दिन से बुखार चल रहा है, जबकि गाजियाबाद में फार्मेसिस्ट अनिल कुमार के पिता सत्यपाल को बुखार व पत्नी गीता को डेंगू है। ग्रामीण रामफल ने बताया कि शनिवार को ही गांव में सोम नाई की 55 वर्षीय पत्नी व रघबीर की 65 वर्षीय पत्नी की बुखार के कारण मौत हो गई। उन्होंने बताया कि गांव के हर घर में बुखार के मरीज है।


लीलू गुर्जर ने बताया कि उसे खुद दो दिन से बुखार है। शनिवार को भूमिया खेड़ा पर बुखार का प्रकोप शांत करने के लिए यज्ञ कराया गया। साथ ही शुक्रवार को गांव में मच्छर मार दवा का छिड़काव कराया गया था।
अनिल कुमार ने बताया कि पूरा गांव बुखार की चपेट में है। डाक्टरों की टीमें गांव में आकर खून की स्लाइड बनाती हैं, लेकिन रिपोर्ट नहीं दी जाती।

न ही दवा असर करती है। नकली सिंह ने बताया कि केवल खून की जांच से कुछ होने वाला नहीं है। पहले पता लगे कि बुखार कौन सा है। रिपोर्ट हमें नहीं मिलती फिर दवा से कोई फायदा नहीं हो रहा।
क्या कहते हैं डाक्टर
चिकित्सा अधीक्षक डाक्टर सुशील कुमार ने बताया कि पिछले 11 दिन में छह बार डाक्टरों की टीम ऊंचा गांव गई। बाद में टीम ने घर-घर जाकर स्लाइड बनाने का कार्य किया। अब तक गांव में कुल 496 मरीजों की स्लाइड बनायी गई है, जिनमें से 12 को मलेरिया पाया गया। उन्होंने बताया कि इस समय बुखार के 95 प्रतिशत मरीजों में वायरल, ढाई प्रतिशत में टाइफाइड व ढाई प्रतिशत में मलेरिया पाया जा रहा है।
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