शामली। बुधवार देर रात आई तेज आंधी और बारिश ने जिले की बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। शामली, कैराना, थानाभवन और आसपास के क्षेत्रों में 55 से अधिक बिजली के खंभे गिर गए, जबकि 20 से अधिक ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गए। 150 से अधिक गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। उधर, आम के बागों को नुकसान पहुंचा है। आंधी में 20 से अधिक स्थानों पर पेड़ उखड़कर सड़कों पर गिर गए, जिससे आवागमन भी प्रभावित रहा। बिजली गुल रहने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
बुधवार रात अचानक मौसम बदला और तेज आंधी के साथ बारिश शुरू हो गई। इसके बाद बृहस्पतिवार सुबह भी बूंदाबांदी होती रही। तेज हवा के कारण जिलेभर में बिजली लाइनों में फॉल्ट हो गया। शहर के फव्वारा चौक, दिल्ली रोड, कैराना रोड, रेलपार और गुरुद्वारा रोड समेत कई इलाकों में बिजली गुल रहने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। आदर्श मंडी क्षेत्र में पेड़ गिरने के कारण आपूर्ति छह घंटे बाधित रही।
बिडौली क्षेत्र में रात करीब नौ बजे से बिजली आपूर्ति बाधित रही। ग्रामीणों को गर्मी और अंधेरे में रात बितानी पड़ी। बच्चों की पढ़ाई और दैनिक कार्य प्रभावित रहे। कैराना में देवी मंदिर बिजलीघर की 33 हजार लाइन का तार टूटने से मोहल्ला गुंबद, जोड़िया कुआं, आलकलां, सराफा बाजार और पुराना बाजार की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। बाबरी क्षेत्र में करौदा हाथी और कैडी बिजलीघर क्षेत्र में कई पोल उखड़ गए और दो ट्रांसफार्मर गिरकर क्षतिग्रस्त हो गए। बाबरी-करौदा मार्ग पर 33 हजार केवी लाइन के कई पोल खेतों में जा गिरे।
अधीक्षण अभियंता वीरेंद्र सिंह ने बताया कि फॉल्ट के कारण जिलेभर में आपूर्ति प्रभावित हुई थी। विभागीय टीमों ने लगातार प्रयास कर कई क्षेत्रों में आपूर्ति सुचारु करा दी है।
कांधला में कई खंभे और पेड़ गिरे
कस्बे और देहात क्षेत्र में कई स्थानों पर बिजली के खंभे और पेड़ उखड़ गए। कस्बे में करीब तीन घंटे बिजली प्रभावित रही। गांव गढ़ी दौलत, गढ़ी श्याम, चढ़ाव और इस्लामपुर घसोली सहित कई गांवों में बिजली आपूर्ति बंद रही। गंगेरू और चढ़ाव मार्ग पर गिरे पेड़ों को ग्रामीणों ने पुलिस की मदद से हटाया।
16 घंटे गुल रही बिजली, लोग परेशान
झिंझाना। बुधवार रात करीब 9:30 बजे तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हुई, जिसके बाद बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। इसके बाद बृहस्पतिवार दोपहर करीब 2 बजे जाकर विद्युत सप्लाई सुचारू हो सकी। करीब 16 घंटे बिजली गुल रहने से लोगों को परेशानी हुई। सुबह पानी के लिए भी लोग तरस गए।
13 करोड़ के मरम्मत कार्य भी नहीं आए काम
पिछले वर्ष ऊर्जा निगम ने जिलेभर में बिजली के तार बदलने, ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि समेत करीब 13 करोड़ रुपये के कार्य कराए थे। इसके बावजूद हर बार हल्की बूंदाबांदी और तेज हवा के साथ बिजली आपूर्ति ठप हो जाती है। दिल्ली रोड निवासी हकीम मुस्तकीम, नदीम खान, विकास कुमार और बृजमोहन ने बताया कि हल्की बारिश या तेज हवा चलते ही बिजली लाइनों में फॉल्ट हो जाता है। समस्या के स्थायी समाधान की जरूरत है।
चौसाना में विद्युत लाइन ठीक करते कर्मचारी । संवाद
चौसाना में विद्युत लाइन ठीक करते कर्मचारी । संवाद