शामली। जिले में बृहस्पतिवार रात को रुक-रुककर बारिश होती रही। शुक्रवार सुबह बारिश थम गई लेकिन दिनभर बादल छाए रहे। लगभग 20 घंटे से जहां जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। वहीं धान, आलू, लहसुन, सरसों व सब्जी की फसलों में पानी भर गया है। उधर, मौसम में ठंडक आने से लोगों के गर्म कपड़े भी निकल गए है। जिले में 20 घंटों में 24 एमएम बारिश रिकॉर्ड दर्ज की गई।
जिले में बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे शुरू हुई बारिश शुक्रवार सुबह चार बजे तक रुक-रुककर होती रही। बारिश से जलभराव होने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। शुक्रवार सुबह बारिश थमी लेकिन दिनभर बादल छाए रहने से मौसम में ठंड बनी रही, जिस कारण लोग ऊनी व गर्म कपड़े पहने हुए नजर आए। लगातार बारिश से फसलों को नुकसान की आशंका में किसान चिंतित हैं।
दो दिन से तापमान में कोई बदलाव न होने से अधिकतम 23 और न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस स्थिर बना रहा। पूर्वी यमुना नहर लोअर खंड के सहायक अमरजीत ने बताया कि 20 घंटे तक चली बारिश से जिले में 24 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई। उधर, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय मेरठ के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही ने बताया कि अगले पांच दिन तक मौसम शुष्क रहने के आसार हैं।
बारिश से धान, लहसुन और सब्जियों की फसलें बर्बाद
जलालाबाद। क्षेत्र में तेज हवा के साथ हुई बारिश किसानों के लिए आफत बनकर टूटी है। कटाई के लिए तैयार खड़ी धान की फसल तेज हवाओं के चलते जमीन पर बिछ गई। गन्ने की फसल भी गिर गई है और हाल ही में बोई गई लहसुन की फसल अंकुरित होने से पहले ही जमीन में सड़ने लगी है। उड़द, सरसों और गोभी समेत हरी सब्जियों के खेतों में पानी भरने से पौधे गलने की कगार पर पहुंच गए हैं।
किसान राजेश के अनुसार धान की फसल पूरी तरह पक चुकी थी और दो-चार दिनों में कटाई शुरू करने वाले थे। तेज आंधी और बारिश ने पूरी फसल बिछा दी है। खेत में पानी भरा होने से बालियां भीग गई हैं, जिससे नुकसान हुआ है।
सचिन सैनी के अनुसार महंगे भाव में बीज खरीदकर लहसुन की बुवाई की थी। अभी बीज ठीक से जमा भी नहीं है। बारिश से खेत में पानी भरने से बीज जमीन के अंदर ही सड़ चुका है, जिससे फसल उगने से पहले ही तबाह हो गई।
शामली में रात में बारिश के दौरानसड़क से जाते वाहन। संवाद- फोटो : Archive