कैराना(शामली)। खालिस्तानी आतंकी परविंदर उर्फ पिंदा के अवैध हथियार से जुड़े मुकदमे की सुनवाई बृहस्पतिवार को टल गई। आरोपी के अदालत में हाजिर न होने के कारण मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने अगली सुनवाई के लिए 23 सितंबर की तारीख तय की है। फर्जी आईडी और दस्तावेज से संबंधित दूसरे मुकदमे में 18 सितंबर को सुनवाई होगी।
पिंदा वर्तमान में पंजाब की बठिंडा जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। कैराना में उसके खिलाफ अवैध हथियार और फर्जी दस्तावेज के मुकदमे विचाराधीन हैं। उसे 26 नवंबर 2016 को पंजाब की नाभा जेल तोड़कर फरार होने के बाद कैराना पुलिस ने पकड़ा था। वह खालिस्तान लिबरेशन फ्रंट के प्रमुख हरमिंदर सिंह उर्फ मिंटू समेत छह कैदियों के साथ भागा था। कैराना के रास्ते देहरादून भागते समय उसे गिरफ्तार किया गया था। उसकी फॉर्च्यूनर गाड़ी से एसएलआर गन, पंप गन, दो राइफल और हजारों कारतूस बरामद हुए थे। पुलिस ने फर्जी आईडी और दस्तावेज भी जब्त किए थे। बाद में पंजाब पुलिस उसे मुजफ्फरनगर जेल से अपने साथ पंजाब ले गई थी।
परविंदर उर्फ पिंदा 2016 में नाभा जेल से फरार हुआ था। इस घटना में खालिस्तान लिबरेशन फ्रंट का प्रमुख हरमिंदर सिंह उर्फ मिंटू भी शामिल था। कैराना पुलिस ने उसे देहरादून भागते समय पकड़ा था। उसकी गिरफ्तारी के बाद कई अवैध हथियार और फर्जी दस्तावेज मिले थे।