अस्पताल के बाहर जमा भीड़
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अवैध रूप से संचालित की सूचना पर पहुंची थी टीम
स्वास्थ्य विभाग के सह नोडल अधिकारी डॉ. दीपक कुमार रविवार दोपहर करीब 11 बजे फार्मासिस्ट उत्तम कुमार व वेदपाल के साथ शहर में मोहल्ला तैमूरशाह स्थित निजी अस्पताल में जांच करने गए थे। डॉ. दीपक कुमार ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि निजी अस्पताल अवैध रूप से संचालित हो रहा है। उन्होंने बताया कि निरीक्षण के दौरान अस्पताल में कोई चिकित्सक मौजूद नहीं मिला। अस्पताल में 40 बेड थे, जिन पर मरीज भर्ती थे। उन्होंने अस्पताल संचालक से चिकित्सक और रजिस्ट्रेशन संबंधी कागज दिखाने को कहा तो वे कोई भी कागज नहीं दिखा सके। उन्होंने ओटी को सील करने की कार्रवाई शुरू की। आरोप है कि उसी समय आठ-दस लोगों ने स्वास्थ्य टीम की कार्रवाई का विरोध करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। हंगामे व विरोध के बीच उन्होंने ओटी को सील कर दिया।
सह नोडल अधिकारी से लोगों की होती नोंकझोंक
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गाड़ी से खींचकर हमला करने की कोशिश
डॉ. दीपक के मुताबिक ओटी सील होने पर लोगों ने उन्हें टीम समेत घेर लिया। इस दौरान वे अपनी गाड़ी में बैठकर जाने लगे तो उनकी पिटाई करने व गाड़ी से खींचकर हमला करने की कोशिश की गई। इस दौरान खींचतान में उनके कपड़े भी फट गए। उनके साथ मौजूद गार्ड ने उन्हें किसी तरह लोगों से बचाया और गाड़ी में बैठाया। इसके बाद उन्होंने वहां से भागकर जान बचाई।
सह नोडल अधिकारी डॉ. दीपक कुमार
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सह नोडल अधिकारी ने बताया जान का खतरा
डॉ. दीपक ने शहर कोतवाली में तहरीर देकर जानलेवा हमला करने, सरकारी कार्य में बाधा डालने और हमलावरों ने जान का खतरा बताते हुए पुलिस से सुरक्षा की मांग की। जांच अधिकारी कोतवाली प्रभारी धर्मेंद्र गौतम ने बताया कि सह नोडल अधिकारी डॉ. दीपक कुमार की तरफ से तहरीर मिली है। मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
समझौते का दबाव बनाने व हत्या की धमकी देने का आरोप
सह नोडल अधिकारी डॉ. दीपक कुमार ने बताया कि जब वे सीएचसी पहुंचे तो निजी अस्पताल संचालक पक्ष के लोगों ने आकर उन पर समझौते का दबाव बनाया। उसने किसी तरह का दबाव बनाने से इन्कार किया तो उन्होंने रात आठ बजे तक देख लेने व हत्या करने की धमकी दी। धमकी के बाद से उन्हें जान का खतरा बना हुआ है।