शामली। जिले में बुखार का प्रकोप चल रहा है। स्वास्थ्य टीम की जांच में करीब 25 घरों में डेंगू का लार्वा मिला है, जिसे एंटी लार्वा कीटनाशक का छिड़काव कर तत्काल नष्ट किया गया। जिले में बुखार से महिला व युवती समेत तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि डेंगू के चार केस मिल चुके हैं।
मौसम में बदलाव के चलते जिले में बुखार के मरीज बढ़ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से घर-घर जाकर छह डोमेस्टिक ब्रीडर चेकर (डीबीसी) लगाए गए हैं। 17 जुलाई से डीबीसी घर-घर जाकर मरीजों के बारे में जानकारी जुटाने के साथ ही एंटी लार्वा और मच्छर प्रजनन की जांच कर रहे हैं। मच्छर जनित रोगों की परामर्शदाता राजेश कुमारी ने बताया कि डीबीसी द्वारा अब तक लगभग 16500 घरों की जांच की जा चुकी है। इनमें 450 ऐसे घर पाए गए, जहां पर नमी में मच्छर प्रजनन की स्थिति पाई गई। लोगों को नमी दूर कर मच्छरों के प्रजनन रोकने के बारे में जागरूक किया गया। इनमें 25 स्थानों पर डेंगू का लार्वा मिला है। इन सभी स्थानों पर एंटी लार्वा कीटनाशक का छिड़काव कराकर तत्काल नष्ट कराया गया है।
उन्हाेंने बताया कि 50 घरों को नोटिस जारी कर घर में साफ-सफाई रखने व मच्छर प्रजनन रोकने के लिए जागरूक किया गया। जिले में अब तक डेंगू के चार केस मिल चुके हैं। जिला मलेरिया अधिकारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि लोगों को बुखार से बचाव के लिए मच्छरों को पनपने रोकने और काटने से बचाव के इंतजाम करने चाहिए। जिले में बुखार के चलते जलालाबाद क्षेत्र के गांव दभेड़ी में एक सप्ताह पहले 35 वर्षीय महिला की बुखार के चलते मौत हो चुकी है।
महिला की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने गांव में शिविर लगाकर मरीजों की जांच की। तीन दिन पहले डीएम अरविंद चौहान ने भी गांव में पहुंचकर शिविर का निरीक्षण कर ग्रामीणों से बुखार के मरीजों के बारे में जानकारी ली थी। पांच दिन पहले बाबरी में 19 वर्षीय युवती और कॉलेज के चौकीदार की बुखार से मौत हो चुकी है।