शामली। जिले में डेंगू का खतरा बढ़ गया है। जिले में अब तक बुखार के 18 मरीजों को एलाइजा जांच में डेंगू की पुष्टि हुई है। इनमें छह मरीज ऐसे हैं, जिनकी दूसरे जिलों में हुई जांच में पुष्टि हुई है। इन छह में चार मरीज ऐसे है, जिनका पता अधूरा होने व मोबाइल फोन बंद आने या फिर रिसीव न होने के कारण स्वास्थ्य विभाग तलाश नहीं पाया है। चिकित्सकों ने बदलते मौसम में डेंगू से बचाव करने के तरीके अपनाने की सलाह दी है।
अक्तूबर माह से मौसम में आ रहे बदलाव के साथ ही डेंगू मच्छर का डंक भी लोगों को बीमार कर रहा है। जिले में अब तक बुखार के 18 मरीजों की एलाइजा जांच में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। इनमें नौ केस अक्तूबर माह में हुई 91 मरीजों की एलाइजा जांच में पाए गए हैं। इससे साफ है कि अक्तूबर माह में डेंगू तेजी से बढ़ा है। निजी अस्पतालों व लैब में हुई जांच में डेंगू के मरीजों की संख्या इससे कहीं ज्यादा है। इनमें छह मरीज ऐसे है जो रहने वाले शामली जिले के हैं, लेकिन उनकी जांच व उपचार बाहर के दूसरे जिलों में हुआ है। ऐसे मरीजों का पता अधूरा व मोबाइल फोन नंबर न मिलने के कारण स्वास्थ्य विभाग उन्हें तलाश नहीं कर पाया है। जिला मलेरिया अधिकारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि इस समय मौसम तेजी से बदलने के कारण डेंगू होने का खतरा ज्यादा है। इसलिए लोगों को डेंगू से बचाव के तरीके अपनाने व सावधानी बरतने की जरूरत है। उन्होंने बताया चार मरीजों के पते व मोबाइल नंबर सही न होने के कारण उनके बारे में पता नहीं चल सका। बाकी सभी मरीजों के यहां स्वास्थ्य टीम ने पहुंचकर एंटी लार्वा कीटनाशक का छिड़काव व रक्त के नमूने लेने और लोगों को बीमारी से बचाव के लिए जागरूक करने की सभी गतिविधियां कराई जा चुकी है।
इन मरीजों तक नहीं पहुंच सका स्वास्थ्य विभाग
-26 वर्षीय अनीस को डेंगू की पुष्टि हुई। जांच रिपोर्ट में पते के नाम पर शामली लिखा है। उस पर जो मोबाइल नंबर अंकित है, वह स्विच ऑफ आ रहा है।
-21 वर्षीय तुन का पता भी शामली लिखा है, लेकिन मोहल्ले का नाम अंकित नहीं है। जो मोबाइल नंबर अंकित है, वह रिसीव नहीं हो रहा है।
- 35 वर्षीय रुखसाना का पता शामली अंकित है। मोबाइल फोन नंबर पर बात की तो उसे रॉन्ग नंबर बताया गया ।
- 24 वर्षीय गुलशन भी शामली का निवासी लिखा है। मोबाइल फोन नंबर पर बात करने पर रॉन्ग नंबर बताया गया।
चार दिन बाद खुले जिला अस्पताल में उमड़ी मरीजों की भीड़
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शामली। दिवाली के त्योहार की छुट्टी के चलते चार दिन बाद जिला अस्पताल खुलने पर मरीजों की भीड़ रही। अस्पताल में लगभग 1200 मरीज पहुंचे। चिकित्सकों ने मरीजों की जांच कर उपचार दिया।
दिवाली, गोवर्धन व भैयादूज के बाद रविवार को साप्ताहिक छुट्टी के कारण जिला अस्पताल में ओपीडी में सोमवार को मरीजों की भीड़ सुबह से ही लग गई थी। हालांकि त्योहार के दिनों में ओपीडी में सुबह आठ बजे से 11 बजे तक मरीजों को उपचार दिया गया, लेकिन उन तीन दिन में मरीज बहुत कम पहुंचे थे। सोमवार को चिकित्सकों के कक्ष के बाहर मरीजों की लाइन लगी रही। अस्पताल में 1200 के लगभग मरीज पहुंचे। जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. किशोर कुमार आहूजा ने बताया छुट्टी के बाद अस्पताल में मरीज ज्यादा आए। सभी मरीजों की चिकित्सकों ने जांच कर उपचार दिया गया।