शामली के गांव लांक सरकारी अस्पताल में जांच करती महिला चिकित्सक डॉ नीलम शुक्ला
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शामली/कैराना। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत सभी छह सामुुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की जांच कर उनका उपचार किया गया। जिले में 1281 महिलाओें की जांच में 142 महिलाएं हाई रिस्क प्रेगनेंसी के लिए चिह्नित कर दवा और परामर्श दिया गया।
शासन की तरफ से हर महीने की नौ तारीख को एचआरपी डे पर गर्भवती महिलाओं की सीएचसी पर जांच व उपचार दिया जाता है। नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ. सुशील कुमार ने बताया कि जिले की सभी सीएचसी पर 1281 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई। जांच के बाद 142 महिलाएं हाई रिस्क प्रेगनेंसी के लिए चिह्नित की गई। इनमें कुछ महिलाओं में पांच से सात ग्राम के बीच हीमोग्लोबिन पाया गया जबकि कुछ महिलाओं में अन्य बीमारी ब्लड प्रेशर, हाइपर टेंशन, शुगर, कैल्शियम व आयरन की कमी आदि होना पाया गया। 161 महिलाओं को आयरन सुक्रोज दिया गया और 689 महिलाओं को निशुल्क अल्ट्रासाउंड की सुविधा उपलब्ध कराई गई।
वहीं कैराना सीएचसी पर डॉ. रोशी फातिमा, संगिनी रेखा व सुनीता सैनी ने गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की जांच की। डॉ. रोशी फातिमा ने बताया कि 13 गर्भवती महिलाओं का हीमोग्लोबिन 6 ग्राम से कम आने पर उन्हें आयरन की ड्रिप लगाई गई। 40 महिलाओं का हीमोग्लोबिन 9 ग्राम से कम आने पर उन्हें आयरन व कैल्शियम की गोली दी गई। साथ ही दूध के पैकेट वितरित किए गए। तीन माह से अधिक की गर्भवती 195 महिलाओं को निशुल्क अल्ट्रासाउंड की सुविधा दी गई। ब्लाक कार्यक्रम प्रबंधक अतुल गर्ग ने बताया कि कैराना सीएचसी, भूरा व उंचागांव पीएचसी पर कुल 267 गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की जांच की गई।