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हजरत साहब ने रखी थी कांधला ईदगाह की नींव

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file - फोटो : amarujala
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दुनिया भर में दीन का उजाला फैलाने वाले मौलाना हजरत इफ्तेखार उल हसन का जन्म कांधला कस्बे की सरजमीं पर रमजान के पाक महा में हुआ था। ये भी संयोग है कि उनका इंतकाल भी इसी पवित्र माह में हुआ।
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परिजनों के अनुसार हजरत के वालिद का नाम मुफ्ती रफ्फाउल हसन था। मौलाना इफ्तेखार बचपन से ही धार्मिक विचारों के थे। उनके करीब 50 हजार से ज्यादा मुरीद रहे और 34 खलीफा को उन्होंने खिताब किया था। हजरत मौलाना इफ्तेखार  उल हसन हजरत रायपुरी अब्दुल कादिर साहब से वेद थे। पूरी दुनिया में हजरत इफ्तेखार उल हसन कांधलावी के नाम से जाने गए। इस्लामिक गुरुओं की दुनिया में उनका अपना एक अलग ही मुकाम था। इसके अलावा विदेशों तक उनके लाखों मुरीद हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा सहारनपुर में हुई। उनके ही प्रयास से 1946 में कांधला ईदगाह की नींव रखी। जिसमें हजरत ने पहला मदरसा इस्लामिया सुलेमानिया खोला। जहां तालीम का कार्य शुरू किया गया। इसके साथ ही उन्होंने अलग-अलग शहरों में तालीम के लिए 25 से अधिक मदरसे खोले। वे मुस्लिमों के ही नहीं बल्कि सर्वसमाज को समान नजरों से देखते थे। यही वजह है कि उनके इंतकाल का सभी को बहुत दुख है और हर कोई उनके अंतिम दर्शन को उमड़ गया था।
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