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हरियाणा की राजस्व टीम ने यूपी के चार गांव से रिकार्ड लिए

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कैराना। हरियाणा-यूपी सीमा विवाद के हल कराने की प्रक्रिया के चलते हरियाणा की राजस्व टीम ने कैराना तहसील पहुंचकर सीमा विवाद की जद में आए चार गांवों के 1974 के दीक्षित आयोग के समय के सिजरे (भू-अभिलेख) अपने राजस्व रिकार्ड से मिलान करने के लिए प्राप्त कर लिए।
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चार माह पहले बागपत में दोनों प्रदेशोें के सीमा विवाद से संबधित जिला स्तर के अधिकारियों की बैठक के बाद सर्वे टीमों ने 1974 के दीक्षित आयोग के अनुसार सीमा पर पुराने पिलर का निरीक्षण करके संयुक्त रिपोर्ट तैयार की थी। शामली जिले से मिली हरियाणा के पानीपत जिले व करनाल जिले की सीमा पर लगाए जाने वाले चार मैन पिलर और 50 रेफरेंस पिलर का बजट शासन से पहले ही आ गया था। उक्त सीमा पर सर्वे आफ इंडिया चंडीगढ़ के सर्वे के आधार पर लगाए जाने वाले कुल 498 बाउंड्री पिलर में से 250 पिलर का खर्च यूपी प्रशासन वहन करेगा, जिसके चलते करीब एक माह पहले पीडब्लूडी विभाग ने 250 बाउंड्री का स्टीमेट तैयार करके डीएम को सौंपा था। जहां से बजट पास कराने हेतु उसे शासन को भेज दिया गया था।
शुक्रवार को हरियाणा की बापोली तहसील के सर्वे कानूनगो राकेश कुमार और सर्वे लेखपाल मुकेश कुमार कैराना तहसील पहुंचे। यहां पर उन्होंने हल्का सर्वे लेखपाल जमना प्रसाद से वार्ता की और सीमा से लगते यूपी के गांव मवी अहतमाल साबिक, इस्सोपुर खुरगान, मंडावर तथा नंगला राई अहतमाल साबिक के 1974 के दीक्षित आयोग के समय के सिजरे अपने साथ हरियाणा ले गए। सर्वे लेखपाल जमना प्रसाद ने बताया कि 1974 के दीक्षित आयोग के समय के चार सीमावर्ती गांवों के सिजरे हरियाणा प्रशासन को सौंप दिए गए हैं, ताकि हरियाणा प्रशासन उनको अपने राजस्व रिकार्ड से मिलान करें। जहां कमी है उसे दूर कर सके।
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