झिंझाना/शामली। हरियाणा में धान बेचने जा रहे किसानों को रोकने पर विवाद गरमा गया। यमुना पुल पर धान से लदी ट्रैक्टर-ट्रालियां रोक दी गईं। किसानों ने हंगामा कर जाम लगाया। पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर किसानों को समझा-बुझाकर किसी तरह शांत किया। तब जाकर जाम खुलने पर मेरठ करनाल हाईवे पर यातायात सुचारु हो सका।
दरअसल, यूपी से खासकर शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ और आसपास के जिलों के किसान धान बेचने के लिए हरियाणा जाते हैं। रोजाना धान से लदी सैकड़ों ट्रैक्ट-ट्राली मेरठ-करनाल हाईवे से हरियाणा में प्रवेश करती हैं, मगर बृहस्पतिवार सुबह मेरठ करनाल हाईवे स्थित यमुना पुल के पास बिड़ौली चेकपोस्ट पर धान से लदे तमाम वाहनों को रोक दिया गया।
हरियाणा सीमा पर तैनात पुलिसकर्मियों ने स्पष्ट कह दिया कि यूपी का धान हरियाणा में नहीं आने दिया जाएगा। इसके बाद किसानों ने धान से लदे ट्रैक्टर-ट्राली और जुगाड़ वाहनों को सड़क के बीचों बीच खड़ा करके हंगामा किया। इसकी वजह से मेरठ करनाल हाइवे पर जाम लग गया। सूचना पर झिंझाना थानाध्यक्ष आरएन सिंह, सीओ वसीम खान और एसडीएम ऊन रामअवतार मौके पर पहुंचे।
किसानों से बात करने के साथ ही हरियाणा के अधिकारियों से बात की। इसके बाद किसानों को समझा-बुझाकर शांत करने के बाद जाम खुलवाया। करीब चार घंटे बाद मेरठ करनाल हाइवे पर यातायात सुचारु हो सका।
राइस मिल मालिकों की हड़ताल से बनी स्थिति
अधिकारियों के अनुसार हरियाणा में राईस मिल मालिकों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल कर दी है। इस वजह से हरियाणा के किसानों का धान ही मंडी में जमा है। यूपी से भी पिछले दिनों काफी मात्रा में धान हरियाणा पहुंच चुका, जिस कारण अब धान रखने की जगह नहीं है। इसी कारण हरियाणा शासन ने यूपी से आने वाले धान पर रोक लगा दी।
जाम के कारण यात्री हुए हलकान
बिडौली चेकपोस्ट पर जाम लगने के बाद कई किलोमीटर लंबी वाहनों की लाइन लग गई। इसकी वजह से यात्री वाहनों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा। वाहनों में यात्री फंसे रहे। बाद में जब जाम खुला, तब लोगों ने राहत की सांस ली।