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हरियाणा ने गेहूं उत्पादकों के लिए बढ़ाई सुविधा

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हरियाणा ने गेहूं उत्पादकों के लिए बढ़ाई सुविधा
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शामली। हरियाणा की भाजपा सरकार ने अन्य प्रदेशों के गेहूं उत्पादकों को लुभाने के लिए सुविधाएं बढ़ा दी है। गेहूं खरीद में हरियाणा राज्य में ज्यादा सुविधा मिलने से जिले के किसान अपना गेहूं वहां लेकर जा सकते हैं। इससे जनपद में होने वाली गेहूं खरीद प्रभावित हो सकती है। हरियाणा में गेहूं का भुगतान 48 घंटे में नहीं होने पर नौ प्रतिशत ब्याज मिलेगा। साथ ही आढ़तियों के माध्यम से भी खरीद को मंजूरी मिल गई है। इससे वेस्ट यूपी के किसान हरियाणा की ओर अपना रुख कर सकते हैं।
हरियाणा की सीमा से सटे बिड़ौली, कैराना, केरटू, गंगोह, चौसाना सहित कई गांवों के किसान पहले से मंडी आढ़ती के माध्यम से अपना गेहूं व धान हरियाणा की सिंभालका, पानीपत, करनाल और यमुनानगर आदि जिलों की मंडियों में बेचते आए हैं। सूत्रों के मुताबिक हरियाणा में दूूसरे प्रदेशों के दस हजार से ज्यादा किसानों के गेहूं बिक्री के लिए पंजीकरण हुए हैं। पिछले वर्षों की अपेक्षा इस साल हरियाणा में किसानों को गेहूं बेचने के लिए सुविधा बढ़ाई गई हैं। इस साल गेहूं खरीद में किसानों की पंजीकरण की सुविधा, 48 घंटे में भुगतान, 48 घंटे के बाद भुगतान पर नौ प्रतिशत ब्याज की सुविधा और मंडी आढ़ती को 2.5 प्रतिशत कमीशन देने के साथ ही मंडी की ओर से एसएमएस के माध्यम से किसानों की फसल बेचने के लिए निर्धारित समय और दिन की सुविधा दी जा रही है। इसके चलते वेस्ट यूपी के शामली, सहारनपुर, बागपत जिले के किसान हरियाणा राज्य के सोनीपत, पानीपत, करनाल और यमुनानगर आदि जिलों में गेहूं बेचने के लिए रुख कर सकते हैं।
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बंद हो गई पंजीकरण की ऑनलाइन साइट
शामली। जिले के 250 किसानों के पंजीकरण होने के बाद हरियाणा राज्य की करनाल, पानीपत मंडियों की पंजीकरण वेबसाइट बंद हो गई है। साइट बंद होने से किसान पंजीकरण नहीं कर पा रहे हैं। चौसाना में जनसेवा केंद्र संचालक रवि कुमार का कहना है कि पहले हरियाणा की मंडियों में आढ़तियों के यहां किसान के मोबाइल नंबर का पंजीकरण होता था। पंजीकरण के बाद किसान संबंधित मंडी में अपनी फसल बेचता था। अब वेबसाइट पर पंजीकरण हो रहा है। वेबसाइट में हरियाणा के किसान, दूसरे राज्य के किसान और स्वामित्व ब्योरा वाले बिंदु दिए गए हैं। इस बार करनाल की कुंजपुरा मंडी में चौसाना क्षेत्र के 250 किसानों के पंजीकरण हुए हैं।
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खरीद केंद्रों से किसानों और गांवों का हुआ संबद्धीकरण
शामली। जिले में भी किसानों और गांवों का गेहूं खरीद केंद्रों से संबद्धीकरण हो गया है। जिले में 27 खरीद केंद्र हैं, जिन पर 1975 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीद होनी है। किसान के खाते में 72 घंटे में भुगतान होगा। पंजीकरण कराने वाले किसान को एसएमएस के माध्यम से खरीद केंद्र की सूचना मिलेगी, जिस पर वह अपना गेेहूं बेच सकता है। मंडल के क्षेत्रीय खाद्य नियंत्रक का कार्य देख रहे प्रिंस चौधरी का कहना है कि सहारनपुर मंडल में गेहूं खरीद केंद्रों का संबद्धीकरण कर दिया गया है। किसान अपने निकटतम केंद्रों पर गेहूं बेच सकता है। मंडी में खोले गए खरीद केंद्रों पर संबद्धीकरण की बाध्यता नहीं है।
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