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Shamli News: हरियाणा सरकार ने फिर लगाई यूपी के धान पर रोक

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संवाद न्यूज एजेंसी
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बिड़ाैली। रविवार देर शाम को हरियाणा सरकार द्वारा एक बार फिर यूपी के किसानों और व्यापारियों के धान पर रोक लगाए जाने से मेरठ-करनाल हाईवे पर सोमवार शाम तक कई किलोमीटर लंबा जाम लगा रहा। इस निर्णय से न केवल किसान व व्यापारी परेशान हैं, बल्कि आम जनता को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
शनिवार शाम से रविवार दोपहर तक हरियाणा सरकार ने यूपी से आने वाले किसानों और व्यापारियों के धान को रोक दिया था। इसके चलते बिड़ाैली पुलिस चौकी क्षेत्र सहित मेरठ-करनाल हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। रविवार दोपहर बाद बिड़ाैली चौकी इंचार्ज ने हरियाणा प्रशासन व पुलिस अधिकारियों से वार्ता कर यूपी के किसानों का धान निकलवाने के लिए सहमति बनाई थी। इसके बाद कुछ देर के लिए राहत मिली, लेकिन देर रात हरियाणा सरकार ने एक बार फिर से यूपी के व्यापारियों और किसानों के धान पर प्रतिबंध लगा दिया।
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इस निर्णय के बाद सोमवार को हाईवे पर फिर से जाम की स्थिति बन गई। धान से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को हरियाणा पुलिस ने अपनी सीमा से वापस यूपी की ओर भेजना शुरू कर दिया। इससे दोनों ओर वाहनों की लम्बी-लम्बी कतारें लग गईं। आने-जाने वाले यात्रियों के साथ-साथ दूध, सब्जी और फल जैसे रोजमर्रा के सामान लाने-ले जाने वाले वाहनों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
पुलिस ने बताया कि करनाल मंडी में पहले से ही अधिक भीड़ होने के कारण हरियाणा के किसानों का धान नहीं बिक पा रहा है। वहीं यूपी के कुछ व्यापारी धान को ब्लैक में खरीदकर हरियाणा मंडियों में बेच रहे हैं। ऐसे में जब तक हरियाणा के किसानों का धान पूरी तरह नहीं बिक जाता, तब तक यूपी के किसानों की एंट्री पर रोक जारी रहेगी।
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किसानों का कहना है कि सरकार का यह निर्णय उनकी मेहनत पर कुठाराघात जैसा है। उनका धान सड़कों पर फंसा है, जिससे भारी नुकसान हो रहा है। स्थानीय प्रशासन के प्रयासों के बावजूद समाधान नहीं निकलने से किसान व व्यापारी असमंजस में हैं।
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