कठिन परिश्रम और परिवार के सपोर्ट से पाया मुकाम
शामली। जिला टॉपर्स ने कड़ी मेहनत के बूते ये मुकाम हासिल किया है। सफलता के लिए दिन रात पढ़ाई करना जरूरी नहीं, बल्कि नियमित क्लास अटेंड करें और मन लगाकर पढ़ें तो मुकाम हासिल किया जा सकता है। कोई आईएएस बनना चाहता है तो, कोई आईटी सेक्टर में बड़ा मुकाम हासिल करना चाहता है। इनमें कुछ खेती किसानी परिवार से ताल्लुक रखते हैं। गांव में रहकर भी जज्बा इनके मन में है। मेहनत और परिवार के सपोर्ट के साथ ये आगे बढ़ना चाहते हैं।
- सर्जन बनना चाहती है अनु
थानाभवन। मोहल्ला सरस्वती विहार निवासी अनु तायल पुत्री अरविंद तायल ने 88.50 प्रतिशत अंकों के साथ हाईस्कूल में जिले की टॉपर सूची में 10वें स्थान पाया है। अनु का कहना है कि सनातन धर्म उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में पढ़ाई की है। परिवार में किसी ने भी उसके ऊपर घरेलू काम का दबाव नहीं बनाया। इसी से वह अधिकांश समय अपनी पढ़ाई पर ध्यान देती थी। अनु ने बताया कि जब वह सातवीं कक्षा में थी तब उसे हार्ट की समस्या हो गई थी। ऑपरेशन के दौरान उसका वाल्व चेंज हुआ था। उसका सपना कार्डियो सर्जन बनना है, ताकि भविष्य में मरीजों की सेवा कर सके।
-- सेना में भर्ती होना चाहता है तासीम
झिंझाना के राष्ट्रीय शिक्षा सदन इंटर कॉलेज के छात्र तासीम ने 12वीं की परीक्षा में 82.40 प्रतिशत अंकों के साथ जिले में संयुक्त रूप से छठा स्थान प्राप्त किया है। तासीम का कहना है कि उसके पिता मोहम्मद हसम मजदूरी करते हैं। आमदनी कम है तो उसकी पढ़ाई कराने में माता-पिता को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। माता-पिता हमेशा ही उसे पढ़ाई करने के लिए प्रेरित करते रहे और अब उनकी इच्छा है कि मैं एनडीए की तैयारी करूं और सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करूं। तासीम ने बताया कि उसने इंटर की परीक्षा के लिए कड़ी मेहनत की। दिन व रात को मिलाकर करीब आठ से दस घंटे पढ़ाई करता था।
-- देश की सेवा करना चाहता है तपस्वी
शामली के सरस्वती विद्या मंदिर के छात्र तपस्वी ने इंटर की परीक्षा में 82.68 प्रतिशत अंक के साथ पांचवीं रैंक हासिल की है। तपस्वी ने बताया कि उसके पिता ओमकार सिंह मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण करते हैं। आर्थिक रूप से दिक्कत होने के कारण समस्या होती है, पढ़ाई में काफी परेशानी आई। उसने बिना कोई ट्यूशन लगाए घर पर कड़ी मेहनत की। माता पिता ने हमेशा ही उसकी हौसला अफजाई की और मेहनत कर कामयाब इंसान बनने को प्रेरित किया। अब उसका सपना है कि अपने माता-पिता की उम्मीद पर खरा उतरना है। वह अब एनडीए की तैयारी कर रहा है, ताकि सेना में भर्ती होकर देश की सेवा कर सके।
-- परिजनों ने दी कड़ी मेहनत की सीख
कांधला। गांव इस्सोपुर टील स्थित मुरारी मनोहर इंटर कॉलेज के छात्र सागर ने इंटर में 82.80 फीसदी अंकों के साथ पांचवीं रैंक हासिल की है। सागर का कहना है कि इस उपलब्धि के लिए उसके माता-पिता व प्रधानाचार्य रमेश चंद्रा का बड़ा योगदान रहा है। उसके पिता वीरेंद्र सिंह गांव में ही छोटी सी दुकान करते हैं। परिवार में कई दिक्कतें आई, मगर परिजनों ने उसकी पढ़ाई पर असर नहीं पड़ने दिया। उसने आठ से दस घंटे पढ़ाई की। स्कूल खत्म होने के बाद खेलना बंद कर दिया और अपना पूरा ध्यान पढ़ाई पर लगा दिया। सागर ने बताया कि आईएएस की तैयारी करना चाहता है माता-पिता, स्कूल का नाम रोशन करना चाहता है।
-- उम्मीद से कम नंबर मिले - तनवी
शामली। कस्बा बनत स्थित देवी उमरा कौर वैदिक इंटर कॉलेज की छात्रा तनवी भारद्वाज ने इंटर में 82.40 फीसदी अंकों के साथ छठीं रैंक हासिल की है। तनवी ने बताया कि उसे परीक्षा में उतने अंक नहीं मिले, जितने की उम्मीद थी। वह प्रतिदिन आठ घंटे पढ़ाई करती थी। पूरा ध्यान पढ़ाई पर लगाया। बताया कि उसके पिता महेंद्र शर्मा किसान हैं और खेतों में मेहनत कर उनकी पढ़ाई कराते हैं। तनवी का कहना है कि वह कड़ी मेहनत और पढ़ाई के दम पर आईएएस ऑफिसर बनना चाहती है ताकि गरीब, मजबूर लोगों को उनका हक दिलाए और देश की सेवा कर सके।