शामली। मुख्य विकास अधिकारी ने झिंझाना क्षेत्र के तीन प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान स्कूलों में बच्चों का शैक्षिक स्तर कमजोर मिला। शिक्षा मित्र हाजिरी लगाकर नदारद थे। बच्चे स्कूली ड्रेस में नहीं मिले। मिड-डे मील भी मेन्यू के अनुसार नहीं बना था। गायब मिले शिक्षामित्रों के मानदेय काटने के निर्देश दिए ग और शिक्षा में सुधार लाने की नसीहत दी गई।
शनिवार को सीडीओ विनय कुमार तिवारी सबसे पहले प्राथमिक विद्यालय मंगलौरा सीडीओ के अनुसार स्कूल में शिक्षामित्र रेखा बिना किसी अवकाश के स्कूल से अनुपस्थित मिलीं। शिक्षामित्र हरेंद्र सिंह उपस्थिति रजिस्टर में हस्ताक्षर कर स्कूल में नहीं मिले। स्कूल का कोई भी छात्र विद्यालय की यूनिफॉर्म में नहीं मिला। प्रधानाध्यापक को इसके लिए निर्देश दिए। कक्षाओं में पहुंचकर बच्चों से किताबें पढ़वाई तो शैक्षिक स्तर काफी कमजोर मिला। शिक्षकों को कमजोर बच्चों पर ध्यान देने के लिए निर्देश दिए।
मौके पर ही गांव के कुछ लोगों ने गांव में कोई भी आंगनबाड़ी केंद्र न होने और पुष्टाहार न मिलने की शिकायत की। सीडीओ ने मौके पर जिला कार्यक्रम अधिकारी को फोन करते हुए इस संबंध में आख्या मांगी। इसके बाद उन्होंने कंपोजिट उच्च प्राथमिक विद्यालय ऊदपुर का निरीक्षण किया। स्कूल में 165 बच्चों के सापेक्ष मौके पर 85 छात्र-छात्रा मिले। कक्षाओं में बच्चों से संवाद करते हुए किताबें पढ़वाकर देखा तो पढ़ाई का स्तर काफी कमजोर मिला। शिक्षकों को सुधार के सख्त निर्देश दिए। मिड-डे मील किचन का निरीक्षण किया तो मेन्यू के अनुसार खाना बनता नहीं मिला। प्राथमिक विद्यालय पटनी परतापुर में निरीक्षण के समय शिक्षक सभी उपस्थित मिले। पढ़ाई का स्तर संतोषजनक मिला। मिड-डे मील भी मेन्यू के अनुसार मिला। इस दौरान जिला समन्वयक एमडीएम जितेंद्र कुमार भी रहे।