थानाभवन में दो दिवसीय कृषि कार्यशाला में किसानों को खेती का प्रशिक्षण देते ठाकुर धर्मपाल
- फोटो : SHAMLI
थानाभवन। जैविक खेती करने से जमीन के जल स्तर में वृद्धि होगी। सही जानकारी मिलने पर खेती करने में पानी बहुत कम खर्च होता है। साथ ही जैविक खेती से भोजन की शुद्धता तो बढ़ती ही है, साथ ही किसानों की आय भी दो से तीन गुना बढ़ जाती है। शनिवार को उत्तम खेती शोध संस्थान की ओर से संस्थापक ठाकुर धर्मपाल सिंह ने अपने खेत पर आयोजित जैविक खेती पर कार्यशाला में किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि कार्यशाला में किसानों को जैविक खेती करने के तरीके और फायदों के बारे में जानकारी दी जाएगी।
शनिवार को दो दिवसीय कार्यशाला के उद्घाटन सत्र का शुभारंभ मुख्य अतिथि साध्वी संगीता ने किया। इस मौके पर हवन-यज्ञ का आयोजन किया गया। पहले दिन किसानों को जैविक खेती के लिए सिंचाई प्रबंधन पर जानकारी दी गई। कहा कि किसान खेत में सूखा आते ही उसे पानी से भर देते हैं। जबकि, फसल को बढ़ने के लिए पानी की नहीं सिर्फ माश्चर की आवश्यकता होती है। लेकिन, खेत को पानी से देने में जल का तो नुकसान होता ही है, साथ ही फसल को भी हानि पहुंचती है। इस दौरान किसानों को गोबर गैस प्रबंधन के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जैविक खेती में गोबर और गोमूत्र बहुत कारगर साबित होते हैं। बस इसके सही इस्तेमाल की जानकारी पता होना चाहिए। इस दौरान किसानों को जैविक खेेती के लिए बीज प्रबंधन, खाद प्रबंधन, सिंचाई प्रबंधन, कृषि के वेस्ट से खाद बनाने की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी दी गई।
अध्यक्षता उग्र सिंह ने की। संस्थान केे सदस्य साधु सिंह व अजय पुंडीर ने किसानों को जैविक खाद के बारे में जानकारी दी। इस मौके पर सहारनपुर के साथ छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, आंध्र प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, पूर्वी उत्तर प्रदेश आदि क्षेत्रों के किसान मौजूद रहे।