शामली। पश्चिमी उत्तर प्रदेश संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष घनश्यामदास गर्ग ने 40 जिलों के व्यापारियों के प्रतिनिधियों से वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए वार्ता की। व्यापारियों ने कोरोना संकटकाल के तीन माह के लिए बिजली का बिल व बैंक का ब्याज व तीन माह की ईएमआई माफ कर छोटे कारोबारियों को राहत देने की मांग उठाई है।
प्रदेश अध्यक्ष घनश्याम दास गर्ग ने कहा कि कोरोना संकटकाल में व्यापारियों ने आम जनों को भोजन व राहत सामग्री मुहैया कराई। व्यापारियों ने आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई चेन को बनाए रखा। रसोई चलाकर जरूरतमंदों को भोजन कराया, मगर लॉकडाउन खुलने के बाद व्यापारियों के सामने कर्मचारियों का वेतन, बिजली का बिल, बैंकों की ईएमआई तथा बैंकों का तीन माह का ब्याज जैसी समस्याएं खड़ी हो गईं। प्रदेश सरकार ने व्यापारी को कोई राहत नहीं दी। इसके विपरीत व्यापारी पर बिजली का बिल, जीएसटी, इनकम टैक्स, आदि सभी की देनदारी का दबाव बना गया है। प्रदेश के 40 जिलों के व्यापारियों ने कोरोनाकाल में व्यापारियों को संकट की घड़ी से उबारने के लिए सभी व्यापारियों के छोटे और मध्यम कारोबारियों के लिए तीन माह की बिजली का बिल, बैंकों का ब्याज, ईएमआई माफ करने की मांग की है।
वीडियो कांफ्रेंस के जरिए हुई बैठक में मुजफ्फरनगर से अमित गर्ग, अनिल कंसल, सहारनपुर से जयवीर राणा व आदित्य राठी, गाजियाबाद से अशोक शर्मा व उदित मोहन गर्ग व अशोक जिंदल, मुरादाबाद से विकास जैन, अमरोहा से राधेश्याम गुप्ता व कुंवर विनीत अग्रवाल, संभल से अवधेश वासने श्याम बालम, रामपुर से पीयूष जिंदल, बदायूं से प्रदीप भारद्वाज, पीलीभीत से अश्वनी अग्रवाल, कानपुर से श्याम कटिहार, लखीमपुर खीरी से दिनेश अग्रवाल, सीतापुर से सुनील अग्रवाल, बागपत से नवीन जैन, खुर्जा से गोपाल जैन, आगरा से दर्शन सिंह सिकरवार, शाहजहांपुर से विमल गुप्ता, शामली से सूर्यवीर सिंह व सुभाष चंद धीमान के साथ-साथ मथुरा पीलीभीत से अश्वनी अग्रवाल मथुरा से श्याम बिहारी अग्रवाल आदि लगभग 40 जिलों के व्यापारियों ने बैठक में भाग लिया।