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त्याग से ही होती है परमात्मा की प्राप्ति

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गढीपुख्ता दिगम्बर जैन मन्दिर में दशलक्षंण पर्व पर पूजन करते जैन समाज के लोग - फोटो : SHAMLI
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त्याग से ही होती है परमात्मा की प्राप्ति
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शामली /जलालाबाद/ गढ़ीपुख्ता। दशलक्षण पयूर्षण महापर्व के आठवें दिन उत्तम त्याग धर्म की महत्ता बताई गई। जैन पंडितों ने कहा कि त्याग करने से मानव को जीवन में परमात्मा की प्राप्ति होती है। मंगलवार को अनंत चतुर्दशी पर भगवान वासु का मोक्ष कल्याणक मनाया जाएगा। तीन सितंबर को क्षमावाणी के साथ दशलक्षण- पयूर्षण महापर्व का समापन होगा।
रविवार को शहर के जैन मोहल्ला, धर्मपुरा, तालाब रोड स्थित जैन मंदिरों में दशलक्षण पयूर्षण महापर्व के आठवें दिन सामाजिक दूूूरी का पालन करते हुए सीमित संख्या में श्रद्धालु मंदिरों में पहुंचे। श्रीजी की पूजा और अष्टम द्रव्यों से अभिषेक किया गया। घरों में विशेष पूजा और श्रीजी की आरती उतारी। जलालाबाद कस्बे के आठवें दिन प्राचीन दिगंबर जैन मंदिर में आठवें दिन पंडित सनंत कुमार जैन ने शांति धारा विधान से भगवान पार्श्वनाथ का अभिषेक मुकेश जैन, नेहुल जैन सहारनपुर, संदीप जैन, उत्कर्ष जैन की ओर से विधिवत पूजा अर्चना की गई।
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पंडित सनंत जैन ने बताया कि बिना त्याग के संयम जीवन कल्याण में नहीं होगा। तप की शोभा जीवन में मानव को त्याग से मिलती है। त्याग मन से होता है। त्याग करने से मानव का जीवन में परमात्मा की प्राप्ति होती है। इस मौके पर सुशील जैन, ऋषभ जैन ,राहुल जैन ,सचिन जैन का सहयोग रहा।
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गढ़ीपुख़्ता कस्बे के दिगंबर जैन मंदिर अतिशय क्षेत्र में आठवें दिन उत्तम त्याग धर्म की पूजा की गई। विधि विधान से शांति धारा के पश्चात पूजा पाठ किया गया। विकारों को छोड़ने का नाम उत्तम त्याग धर्म है। त्याग और दान सगे भाई हैं। दान - त्याग करने में अहंकार का भाव नहीं होता है। इंसान जितना त्याग करेगा उतना ही उसका दुख कम होगा। त्याग जीवन का सम्मान कराता है। त्याग जीव को ऊपर उठाता है और शांति और मुक्ति का मार्ग है। इस अवसर पर नीरज जैन, सुदेश जैन, विपुल जैन, ऋषभ जैन, संभव जैन, दीपक जैन, रेखा जैन, ममता जैन, शिखा जैन, स्मिता जैन, संगीता जैन आदि मौजूद रहे।
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