शामली। सरकारी अस्पताल में जाने से गुरेज करने वाले ऐसे लोग जो परिवार नियोजन की सेवाएं निशुल्क लेना चाहते है पर सरकारी तंत्र पर उनको विश्वास नहीं है के लिए खुशखबरी है।
हौसला साझेदारी योजना के तहत अब ऐसे लोगों को प्राइवेट अस्पताल में ही परिवार नियोजन की सेवाएं निशुल्क मुहैया कराई जाएंगी। इसके लिए शामली में चार प्राइवेट अस्पतालों को चुना गया है। सरकार इलाज तथा परिवार नियोजन के ऊपर एनएचएम के तहत लाखों रुपये पानी की तरह बहा रही है।
सरकारी अस्पताल में आकर नसबंदी कराने वालों को रुपये देने के साथ ही कॉपर टी, आई-पिल संबंधी कई परिवार नियोजन की सेवाएं सरकारी अस्पताल में सरकार द्वारा मुहैया कराई जा रही है, लेकिन सरकारी अस्पताल में न आकर ज्यादातर अपने रसूख के चलते प्राइवेट अस्पतालों से ही ऐसी सुविधाओं को लेने का प्रयास करते है।
यही नहीं ज्यादातर लोगों को सरकारी अस्पताल में की जाने वाली नसबंदी पर तो लोगों को विश्वास नहीं हैं। यही कारण है कि लखनऊ से जारी लक्ष्यों के सापेक्ष लक्ष्य पूरा नहीं किया जाता है। लेकिन अब ऐसे लोगों के लिए खुशखबरी है। सरकार द्वारा चलाई जा रही हौसला साझेदारी योजना के तहत अब शहर के चार अस्पताल को चुना जाएगा और उनसे परिवार नियोजन की ये सेवाएं निशुल्क मुहैया कराने के लिए आवेदन मांगे जाएंगे। जिसके चलते इच्छुक अस्पताल स्वास्थ्य विभाग में आवेदन करेंगे और वहां पर उनको मानकों पर खरा उतरने पर चुना जाएगा।
जिसके बाद उनकी फाइल लखनऊ भेजी जाएगी और वहां से उनको अनुमति मिलेगी। इसी के चलते शामली के चार अस्पतालों ने आवेदन किया था। जिसके बाद चार अस्पतालों सृष्टि हॉस्पिटल, गेटवेल हॉस्पिटल, अग्रवाल नर्सिंग होम, बहल नर्सिंग होम को योजना के तहत चुना गया है। शामली के चार प्राइवेट अस्पतालों में अब हौसला साझेदारी योजना के तहत लोगों को परिवार नियोजन की निशुल्क सेवाएं मिल सकेगी।
हौसला साझेदारी के तहत किया चयन
एसीएमओ डा. सफल कुमार का कहना है कि हौसला साझेदारी के तहत शामली में चार अस्पतालों को स्वीकृत किया गया है, जिनमें जाकर लोग परिवार नियोजन की सेवाएं ले सकते है। इससे परिवार नियोजन में काफी मदद मिलेगी।