थानाभवन (शामली)। भले ही पुलिस ने थानाभवन थानाक्षेत्र के गांव मादलपुर में अनुसूचित जाति के परिवार को धोखे से धर्मांतरण कराने के आरोप में महिला समेत दो को गिरफ्तार कर लिया हो मगर फरार चल रहा गिरोह का सदस्य अभी पकड़ से बाहर है। माना जा रहा है कि दिल्ली में बैठा गिरोह का सदस्य किसी इस्लामिक संगठन का मुखिया भी हो सकता है। जो दिल्ली के अलावा यूपी के विभिन्न हिस्सों में लोगों का ब्रेनवॉश कर उनका धर्मांतरण कराने में अहम भूमिका निभा रहा है।
अभी तक पुलिस पूछताछ में आई जानकारी के अनुसार गिरोह की सदस्य महिलाएं भोले भाले, बीमारी आदि से ग्रस्त खासकर युवा और अन्य को अपने प्यार के जाल में फंसाती है। इसके बाद उसे अमीरी और विदेशों में घूमने का सब्जबाग दिखाकर धर्मांतरण कराकर इस्लाम से जोड़ा जाता है। नमाज पढ़ने से लेकर अन्य सभी धार्मिंक क्रिया कलाप युवाओं से कराए जाते हैं। दिल्ली की जिस जामा मस्जिद में सूरज की मुस्लिम युवक से मुलाकात कराई थी, वह अपने को मौलाना बता रहा था। पुलिस को इसके संबंध में अहम सुराग हाथ लगे हैं।
एसपी अभिषेक का कहना है कि गिरोह के फरार सदस्य की तलाश में लाल किले के अलावा कई स्थानों पर दबिश दी गई मगर सफलता हाथ नहीं लग सकी। जल्द ही फरार आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। माना जा रहा है कि इस मामले में कई अन्य लोग भी बेनकाब हो सकते हैं।
कहीं पाक परस्त तो नहीं चला रहे धर्मांतरण की पाठशाला
पुलिस की पूछताछ में पता चला है कि सूरज का पासपोर्ट और धर्मांतरण के बाद उसका नया आधार कार्ड बनाने के बाद उसको विदेश भेजने की तैयारी थी। हालांकि, विदेश कहां पर भेजने की तैयारी थी, इसके बारे में अभी कोई जानकारी नहीं मिली है। माना जा रहा है कि विदेशों या फिर पाकिस्तान में बैठे इस्लामिक संगठनों के लोग दंपति और दिल्ली का फरार आरोपी जुड़े हुए हैं। विदेशों में बैठे लोग ही धर्मांतरण की पाठशाला चला रहे हैं। भारत के लोगों को चंद रुपयों का लालच देकर अपने साथ जोड़ा जाता है, इसके बाद उन्हें फंडिंग की भी आशंका जताई जा रही है। हालांकि, पुलिस दंपती के बैंक एकाउंट और कॉल डिटेल को भी खंगाल रही है।