स्योहारा। मुरादाबाद के गांव रफायतपुर को स्योहारा से जोड़ने वाली बहुप्रतीक्षित सड़क योजना विवादों में घिर गई है। रामगंगा नदी पर पुल बनाकर यह सड़क स्योहारा क्षेत्र के गांव रैनी तक दो किमी सड़क बनाई जा रही है। लगभग एक किमी निर्माण के बाद बिजनौर वन विभाग ने एनओसी न होने का हवाला देकर काम रुकवा दिया। सड़क के बीच में खाई खुदवाए जाने से न सिर्फ निर्माण कार्य ठप हो गया है, बल्कि ग्रामीणों का आवागमन भी पूरी तरह बाधित हो गया है।
सड़क का निर्माण लोक निर्माण विभाग करा रहा है। गांव रफायतपुर का अब तक स्योहारा से सीधा सड़क संपर्क नहीं था। बीमारों को रामगंगा की खादर से रेत और पानी के बीच से निकलकर अस्पताल ले जाना मजबूरी था। बरसात में हालात और भी भयावह हो जाते था, जब करीब चार महीने तक रफायतपुर गांव का गांव रैनी व स्योहारा क्षेत्र से संपर्क कट जाता था। रफायतपुर के हरस्वरूप सिंह, लाल सिंह, व रामगोपाल सिंह आदि का कहना है कि निर्माण को रुकवाना मनमानी है। गांव के लिए पहले से आने-जाने का कच्चा मार्ग मौजूद था। अब जब उसी पर पक्का मार्ग बनाया जा रहा है तो वन विभाग आवागमन रोककर ग्रामीणों को परेशान कर रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि यदि सड़क वन भूमि से होकर गुजर रही है तो विभागों के आपसी समन्वय से समाधान निकाला जाना चाहिए, न कि जनता के हितों को नुकसान पहुंचाया जाए।
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एनओसी मिलने के बाद शुरू होगा काम
डीएफओ जय सिंह कुशवाह का कहना है कि जिस भूमि से सड़क गुजर रही है, वह वन विभाग की है। बिना एनओसी के निर्माण कार्य कराना गलत है। इसी के चलते सड़क निर्माण रुकवा दिया गया था। हालांकि, लोक निर्माण विभाग द्वारा एनओसी की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। बहुत जल्द एनओसी प्राप्त होने के बाद सड़क निर्माण शुरू करा दिया जाएगा।