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फोरलेन का निर्माण नहीं हुआ पूरा, सपना रह गया अधूरा

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शामली। इस साल भी दिल्ली-यमुनोत्री, सहारनपुर फोरलेन का निर्माण पूरा नहीं हो पाया है। पिछले तीन माह से भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से नामित निर्माण एजेंसी द्वारा जिले में सिर्फ सड़क चौड़ीकरण के उद्देश्य से जेसीबी चलाकर भूमि का समतल करने का काम किया है।
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दिल्ली-यमुनोत्री, शामली, सहारनपुर मार्ग के चौड़ीकरण के कार्य की बसपा सरकार में वर्ष 2009- 10 में स्वीकृति मिली थी। यूपी सरकार ने उत्तर प्रदेश राज्य राजमार्ग प्राधिकरण को निर्माण कार्य की जिम्मेदारी सौंपी थी। निर्माण एजेंसी सिर्फ पुलिया को चौड़ी करने का कार्य शुरू कर पाई थी। केंद्र सरकार से पेड़ कटने की अनुमति वर्ष 2015 में मिलने के बाद मार्ग की लागत बढ़ने के कारण निर्माण एजेंसी अपना काम छोड़कर भाग गई। वर्ष 2016 में निर्माण एजेंसी का उत्तर प्रदेश सरकार ने टेंडर निरस्त कर दिया। वर्ष 2017 में प्रदेश की भाजपा सरकार ने फोरलेन निर्माण का कार्य भारत सरकार को हस्तांतरित की गई। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय राज्य राजमार्ग प्राधिकरण बागपत इकाई स्थापित करते हुए निर्माण की जिम्मेदारी दी गई। वर्ष 2018 में बागपत इकाई ने दिल्ली-शामली, सहारनपुर मार्ग को दो चरणों में निर्माण करने की घोषणा की गई।
पहला चरण बागपत जिले से शामली जिले के बलवा बाईपास दूसरे चरण में शामली बाईपास से लेकर सहारनपुर जिले की सीमा तक शामिल किया गया था। अभी तक प्रथम चरण बागपत जिले का शत प्रतिशत कार्य पूरा नहीं हो पाया है। शामली जिले में कार्य अधूरा पड़ा हुआ है। दूूसरे चरण में सिर्फ चार पांच किमी तक शामली के साईंधाम से लेकर मात्र सिक्का में सड़कें के दोनों ओर सड़क चौड़ीकरण के लिए जेसीबी कार्य किया है। वर्ष 2019 गुजरने वाला है, मगर दिल्ली-शामली, सहारनपुर का निर्माण का सपना पूरा नहीं हो पाया है। दिल्ली-शामली, सहारनपुर मार्ग की निर्माण एजेंसी मेरठ कृष्णा कंपनी के प्रोपराइटर जितेंद्र बालियान का कहना है कि बागपत से लेकर शामली जिले के बलवा बाईपास तक दिल्ली-शामली, सहारनपुर मार्ग का कार्य मई 2020 में पूरा होगा। शामली से सहारनपुर तक कार्य पूरा अक्तूबर 2021 में होगा।
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दिल्ली-शामली, सहारनपुर फोरलेन का आंकड़ा
- प्रथम चरण की लागत 558 करोड़, कार्य समाप्त करने की अवधि अप्रैल 2020
- बागपत जिले से लेकर शामली जिले के बलवा गांव की सीमा।
- शामली जिले की लंबाई 53 किमी
- दूसरे चरण बलवा गांव से लेकर सहारनपुर जिले की सीमा।
- 62 किमी लंबाई, लागत 612 करोड़ रुपये।
- कार्य समाप्त करने की अवधि अक्तूूबर 2021
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