कांधला। कस्बे में पंचकल्याणक महोत्सव के शुरू होने की पूर्व मंगल बेला पर जैन संत उपाध्याय 108 श्री नयन सागर महाराज ने धर्मसभा में पंचकल्याणक व भगवान ऋषभदेव के पूर्व जन्म की धार्मिक घटनाओं की जानकारी दी। इसके साथ ही पंडित अशोक जैन शास्त्री सहयोगी पंडित अखिलेश जैन शास्त्री सहयोगी पंडित अखिलेश जैन शास्त्री के मार्गदर्शन में अयोध्या नगरी के प्रमुख तीन द्वारों पर विधि विधान के साथ झंडा रोहण तथा इन्द्र लोक के पात्रों को हल्दी रस्म करायी गई।
मंगलवार को श्री दिगंबर जैन अतिथि भवन में धर्मसभा को संबोधित करते हुए जैन संत श्री नयन सागर जी महाराज ने कहा मन को पवित्र बनाने का स्थान परमात्मा व गुरु चरणों में होता है। परिवार को सुखी जीवन के लिए पति पत्नी दोनों का धार्मिक होना जरूरी है। जिस घर परिवार में परमात्मा की पूजा व मुनि साधु संन्यासियों को आहार नहीं दिया जाता वह घर मरघट, श्मशान के समान होते हैं।
कुछ परिवारों ने अपने अहम और कर्मों से घर के माहौल को बिगाड़ कर रख दिया है। मां बाप का सपना होता है मै अपनी संतान को अच्छे संस्कार देते हुए उच्च शिक्षा देकर योग्य बनाकर अच्छे परिवार में शादी करूं। भगवान ऋषभ देव का पंचकल्याणक महोत्सव है, तैयारी तो दस माह से चल रही है। जितनी भी शक्ति है उसे इस पुण्य के काम में लगा दो देखना सभी मालामाल हो जाओगे।
इससे पूर्व प्रात: गुरुदेव ने जिनालय में खुद प्रक्षाल कराकर शुद्धिकरण कराते हुए सैकड़ों धर्मप्रेमी बंधुओं को इस रक्षा सूत्र बांधते हुए शांति मंत्र का जाप कराया। तथा बताया कि एक छोटा सा शुभ कार्य करने से कई जन्मों का सुख प्राप्त होता है। एक जीवन में अच्छा संस्कार ही जीवन को पुण्यशाली बना देता है।
इसके बाद पंडित. अशोक जैन शास्त्री सहयोगी पंडित अखिलेश जैन शास्त्री सहयोगी पंडित अखिलेश जैन शास्त्री के मार्गदर्शन में अयोध्या नगरी के प्रमुख तीन द्वारों पर विधि विधान के साथ झंडारोहण तथा इन्द्र लोक के पात्रों को हल्दी रस्म करायी गई। इस दौरान नत्थूमल जैन, दीपक जैन, नंद्र जैन, कुलदीप जैन, मनोज जैन, प्रवीण जैन जसाला वाले के साथ सैकड़ों लोग मौजूद रहे।