36 साल पुरानी गाड़ी के सहारे आग से जूझ रहा दमकल विभाग
शामली। शहर में संकरी गलियों में आग लगने की घटनाओं के दौरान दमकल विभाग के कर्मचारियों को मशक्कत करनी पड़ती है। पुरानी जर्जर हो चुकी दमकल की गाड़ियों के जिम्मे जनपद में आग की घटनाओं पर काबू पाना है। इनमें एक बड़ी गाड़ी 36 साल पुरानी है तो दूसरी 22 साल पुरानी है। दोनों गाड़ियों की रिपोर्ट मुख्यालय भेजी जा चुकी है, लेकिन नई गाड़ियां नहीं मिल सकी है।
जनपद मुख्यालय पर स्थित दमकल विभाग संसाधनों के अभाव में दम तोड़ता नजर आता है। यहां पर न पर्याप्त संसाधन है और न ही पर्याप्त स्टाफ है। दमकल विभाग में दो बड़ी गाड़ी है, जिनमें एक 1983 की है तो दूसरी 1997 मॉडल है। इनके अलावा दो वाटर मिस्ट हाई प्रेशर पंप (छोटी गाड़ी) और डीजल पंप की बोलेरो है। इनमें 36 साल पुरानी गाड़ी को मुख्यालय पर रखा गया है, जबकि 22 साल पुरानी गाड़ी को ऊन में रखा गया है। अगर आग लगने की बड़ी घटना होती है तो अक्सर इन गाड़ियों में कुछ न कुछ खराबी आ जाती है। इसके चलते अग्निकांड में संपत्ति का नुकसान होता है। फायर स्टेशन ऑफिसर का पद कई साल से रिक्त चल रहा है। उनके स्थान पर सब इंस्पेक्टर अजीज खान फायर स्टेशन के प्रभारी की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इनके अलावा स्टाफ में यहां पर सीएफओ, पांच हेडकांस्टेबल, पांच लीडिंग फायर मैन और 20 फायर मैन है। फायर स्टेशन प्रभारी अजीज खान है कि दोनों बड़ी गाड़ियों की समयावधि पूरी हो चुकी है। इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जा चुकी है।
मिल के पानी से बुझाई जाती है आग, सड़क में दब गए फायर हाईड्रेंट
शहर में कहीं पर भी फायर हाईड्रेंट नहीं है। सड़क के चौड़ीकरण और ऊंचाई बढ़ने के चलते कहीं पर फायर हाईड्रेंट दबने के कारण कहीं नजर नहीं आते। दमकल की गाड़ियों में पानी के लिए पालिका के नलकूपों पर फिलिंच लगाए गए है। अगर कहीं पर आग लग जाए तो नलकूप से पानी लाने में बहुत समय लगता है। अगर उस समय बिजली न हो तो पानी नहीं मिलेगा। शुगर मिल से गाड़ियों में पानी भरता है।
संकरी गलियों में आग बुझाने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं
शहर में कई स्थानों पर संकरी और तंग गलियां है, जहां पर दमकल की बड़ी गाड़ी तो क्या छोटी गाड़ी का भी पहुंचना मुश्किल है। शहर में बड़ा बाजार हलवाई हट्टा, अजुध्या चौक से जैन मोहल्ला जाने वाली गली, शिव मूर्ति बड़ी आल, ब्राह्मणान, लाजपत राय, भरत नगर, दयानंद नगर की अधिकतर गलियां, हाजीपुरा आदि अनेक मोहल्ले ऐसे हैं, जहां पर दमकल की गाड़ी नहीं पहुंच सकती। ऐसे में अगर इन गलियों में आग लगने की घटना हो जाए तो दमकल विभाग विकल्प तलाशता रह जाता है। दमकल विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उनके पास दो छोटी गाड़ी है। इनके अलावा 350 मीटर पाइप है। कई मोहल्ले ऐसे है जहां पर छोटी गाड़ी भी नहीं जा सकती।
केस हिस्ट्री-
शहर के मोहल्ला बड़ी आल बैंड मार्किट में सात माह पहले एक मकान में आग लग गई थी। दमकल की गाड़ी मौके पर पहुंची थी। दमकल की गाड़ी ने आगे की तरफ से तो पानी डाला था, लेकिन पीछे की तंग गली होने के कारण गाड़ी नहीं पहुंच सकी थी। पाइप डालकर पानी ले जाने के लिए मशक्कत की गई, लेकिन आग पर काबू पाने के लिए वह पर्याप्त नहीं थी। आग पूरे मकान में फैल गई थी, जिससे सामान जलने के साथ ही छत लिंटर भी नीचे आ गया था। आसपास के मकानों की छत से कई घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका था।
- शहर के बुढ़ाना रोड पर करीब पांच साल पहले तंग गली में फोम के गोदाम में आग लग गई थी। गली संकरी होने के कारण गाड़ी अंदर तक नहीं पहुंच सकी थी। पाइप जोड़कर किसी तरह पानी वहां तक पहुंचाया गया था, लेकिन पर्याप्त मात्रा में पानी की सप्लाई न होने पर कई घंटे बाद आग पर काबू पाया गया था, लेकिन तब तक लाखों का नुकसान हो चुका था।
- मोहल्ला कलंदरशाह में करीब डेढ़ साल पहले एक मकान में आग लग गई थी, लेकिन तंग गली होने के कारण दमकल की गाड़ी नहीं पहुंचने के कारण घर का सारा सामान जल गया था।
- मोहल्ला राजोवाला में करीब तीन साल पहले एक मकान में आग लग गई थी। बड़ी गाड़ी के न पहुंचने पर छोटी गाड़ी मंगाई गई। जैसे तैसे छोटी गाड़ी को गली मेें घुसाया गया था, लेकिन उससे पानी की सप्लाई न होने पर आग पर काबू पाने में मशक्कत करनी पड़ी थी, लेकिन तब तक घर का सामान जल चुका था।
- नौकुआं घेर बुखारी में दो साल पहले शॉर्ट सर्किट से मकान में आग लग गई थी। आग बुझाने के लिए दमकल की गाड़ी मोहल्ले में तो पहुंच गई थी, लेकिन गली मेें अंदर नहीं जा सकी थी। दमकल कर्मियों ने जैसे तैसे जतन कर पाइप से पानी पहुंचाया था, लेकिन तब तक घर का सारा सामान जल गया था।