शामली। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने उत्तराखंड के मसूरी में स्थित मसूरी इंटरनेशनल स्कूल पर दो लाख रुपये जुर्माना अदा करने का आदेश सुनाया है।
शहर के मोहल्ला गली खत्रियान मिल रोड निवासी अंकुर गोयल ने 21 फरवरी 2022 को जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग शामली में परिवाद दायर कराया था कि उसने अपनी पुत्री मान्या गोयल का शिक्षा सत्र 2020-21 में कक्षा छह में प्रवेश के लिए मसूरी इंटरनेशनल स्कूल श्रीनगर स्टेट पोलो ग्राउंड मसूरी जिला देहरादून उत्तराखंड से संपर्क किया। उन्होंने स्कूल के निर्देशों के अनुसार विभिन्न मदों में पांच लाख 75 हजार रुपये का भुगतान स्पेरो देवकॉन प्राइवेट लिमिटेड नई दिल्ली को किया। इसके बाद उन्होंने अपनी पुत्री को स्कूल में छह मार्च 2020 को स्कूल भेजा, लेकिन उसके बाद कोविड महामारी के कारण सरकार द्वारा स्कूल बंद किए जाने पर 13 मार्च को अपने घर वापस ले आए। 24 मार्च 2020 से राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन लगाए जाने पर उनकी पुत्री स्कूल नहीं गई। लॉकडाउन के कारण स्कूल ने ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन किया, लेकिन वह सुचारू रूप से नहीं हो सका।
स्कूल की तरफ से उनकी पुत्री को कुछ किताबें व यूनिफार्म ही उपलब्ध कराई गई। उनकी पुत्री मात्र एक सप्ताह ही स्कूल व हॉस्टल में रही, जिस कारण स्कूल ने उनसे तीन लाख पांच हजार 790 रुपये अतिरिक्त भुगतान प्राप्त किया।
अंकुर गोयल का कहना है कि स्कूल की तरफ से न तो उनकी पुत्री का गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की गई और न ही कोई अन्य सुविधा प्रदान की गई। इसके साथ ही पुत्री की टीसी भी नहीं दी गई। आयोग के अध्यक्ष हेमंत कुमार गुप्ता, सदस्य अभिनव अग्रवाल व अमरजीत कौर ने मामले की सुनवाई करने के बाद स्कूल को साढ़े पांच लाख रुपये मय नौ प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज के साथ अदा करने और टीसी नहीं देने के कारण हुई शारीरिक, मानसिक व आर्थिक क्षतिपूर्ति के एक लाख रुपये और परिवाद के 10 हजार रुपये आयोग में जमा करने का आदेश सुनाया।
इसके साथ ही स्कूल द्वारा किए गए अनुचित व्यापार व्यवहार के लिए स्कूल को दो लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। आयोग ने स्कूल द्वारा 1984 से 2024 तक अपनी आय छिपाने के उद्देश्य से स्पेरो देवकांत प्रा. लि. फ्रेंडस काॅलोनी नई दिल्ली के खाते में जमा कराई गई धनराशि पर देय आयकर की जांच कराने के लिए आयकर विभा नई दिल्ली को पत्र भेजने का आदेश सुनाया है।