शामली। एक जुलाई से जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) लागू होने पर सरकारी विभागों को भी ठेकेदारों के भुगतान और सामान की खरीद पर वसूले गए टीडीएस का हर महीने की 10 तारीख तक ऑनलाइन रिटर्न भरना अनिवार्य होगा। इस संबंध में विभागों के आहरण वितरण अधिकारियों को कार्यशाला के दौरान ट्रेनिंग दी गई।
मंगलवार को वाणिज्यकर विभाग की ओर से कलक्ट्रेट सभाकक्ष में जीएसटी संवाद कार्यक्रम के तहत अपर जिलाधिकारी शिवबहादुर सिंह की अध्यक्षता में कार्यशाला का आयोजन किया गया।
वाणिज्यकर विभाग के डिप्टी कमिश्नर एके दोहरे और जीएसटी के मास्टर ट्रेनर पीड़ी गुप्ता ने प्रोजेक्टर के माध्यम से जीएसटी के बारें में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एक जुलाई से देश भर में जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) प्रणाली लागू हो जाएगी।
इसी लिहाज से सरकारी विभागों में टेंडर के जरिये कार्य करने वाले पंजीकृत ठेकेदारों और सामान की खरीद पर दो प्रतिशत टीडीएस, जिसमें एक प्रतिशत स्टेट वस्तु एवं सेवा कर (एसजीएसटी) तथा एक प्रतिशत केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी ) लिया जाएगा। यदि ब्रांच से बाहर का ठेकेदार होगा, तो उससे दो प्रतिशत आईजीएसटी काटा जाएगा। यह टैक्स न्यूनतम ढाई लाख रुपये तक की खरीद और भुगतान पर काटा जाएगा। पूर्व में ठेकेदारों से चार प्रतिशत टीडीएस काटा जाता था।
इसके लिए संबंधित विभाग के आहरण वितरण अधिकारी को वाणिज्यकर विभाग से टैक्स डिडक्शन नंबर (टीडीएन) लेना अनिवार्य होगा तथा ऑनलाइन अपना अकाउंट बनाकर उसके जरिये प्रत्येक माह की 10 तारीख तक रिटर्न दाखिल करना होगा। इसके अलावा ऑनलाइन रिटर्न दाखिल करने के पांच दिन के भीतर संबंधित ठेकेदार को टीडीएस कटौती का सर्टिफिकेट भी देना होगा।
करीब ढाई घंटे चली कार्यशाला के दौरान आहरण वितरण अधिकारियों ने अपने कुछ सवाल भी किए, जिन पर वाणिज्य कर विभाग के अधिकारियों ने जवाब दिया। कार्यशाला में अपर जिलाधिकारी शिव बहादुुर सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक जगदीश शर्मा, जिला कोषाधिकारी एसके गौतम, परियोजना निदेशक ग्राम्य विकास बलिराम वर्मा समेत जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।