बदलते मौसम में बुखार ने लोगों को जकड़ा
कैराना। बदलते मौसम में क्षेत्र में बुखार व एलर्जी के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। सीएचसी पर उपचार के लिए आने वाले मरीजों में से 50 प्रतिशत मरीज एलर्जी के तथा 30 प्रतिशत मरीज वायरल बुखार के होते हैं।
बृहस्पतिवार को ओपीडी में तैनात डॉ. शेखर ने बताया कि सीएचसी पर प्रतिदिन करीब 100 से लेकर 150 तक मरीज आ रहे हैं, जिनमें से आधे मरीज एलर्जी के होते है। 30 प्रतिशत मरीज बुखार से पीड़ित होेते हैं। बुखार के मरीजों की टायफाइड, मलेरिया की जांच कराई जाती है, लेकिन केवल वायरल बुखार से पीड़ित लोग ही आ रहे हैं। पिछले एक माह में सीएचसी आने वाले किसी भी मरीज की डेंगू की जांच कराने की आवश्यकता नहीं पड़ी। अस्पताल में टायफाइड, मलेरिया, डेंगू की जांच की किट मौजूद है।
नगर पालिका ने साफ सफाई के लिए मुनादी कराई
कैराना। बुखार व डेंगू की रोकथाम के लिए नगर पालिका ने मुनादी करा कर जनता से साफ सफाई रखने की अपील की। अपने घरों के आसपास साफ-सफाई रखने, कूड़ा खुले स्थानों की बजाय कूड़ेदान में ही कूड़ा डालने और एक जगह पानी एकत्र नहीं होने देने को प्रेरित किया। खुले में रखा हुआ खाना व कटे-फटे फलों का सेवन नहीं करे। बाहर निकलते समय मास्क का प्रयोग करने तथा हाथों को सैनिटाइजर से साफ करने व किसी भी प्रकार की बीमारी होने पर तुरंत सरकारी अस्पताल जाने को जागरूक किया।
कांधला में मरीज निजी चिकित्सकों से करा रहे उपचार
कांधला। कस्बे के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की ओपीडी में तैनात सीनियर चिकित्सक तिलक सिंह ने बताया कि पिछले कई दिनों से बुखार से पीड़ित लोग चिकित्सालय में उपचार के लिए पहुंच रहे हैं, जिसमें प्रत्येक दिन आने वाले मरीजों की संख्या अभी 15 से 20 आ रही है। बुखार से पीड़ित लोगों की संख्या मौसम के हिसाब से हमारे यहां पर कम ही है। ज्यादातर लोग निजी चिकित्सक से उपचार करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मरीज को बुखार होते ही अस्पताल जाना चाहिए। अपनी सभी जांच कराने के बाद दवाई लेनी चाहिए। अब तक आने वाले सभी मरीजों की जांच में वायरल, मलेरिया, डेंगू की जांच कराई जा रही है। जिसमें वायरल के मरीज सामने आ रहे हैं। इनसे बचाव के लिए अपने आस-पास का पानी न जमा होने दें। कूलर का पानी समय से बदल दें। मच्छर से बचाव के लिए साधन का प्रयोग करें।