शामली। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद प्रस्तावित मतदाता सूची के प्रकाशन के साथ ही जिले में गड़बड़ियां सामने आने लगी हैं। सूची में कई परिवारों के सदस्य अलग-अलग हो गए हैं, कहीं पिता और बेटे का एक ही नाम दर्ज कर दिया गया है, तो कहीं लोग जानबूझकर वोट काटे जाने के आरोप लग रहे हैं।
शहर के दयानंद नगर निवासी अजय कुमार के पिता का नाम भी अजय कुमार ही दर्ज कर दिया गया है। शामली के मिल रोड निवासी कांग्रेस की जिला उपाध्यक्ष डॉ. नसरीन खान और उनके परिवार के 11 सदस्यों के वोट काट दिए गए हैं।
कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष सन्नी गुप्ता ने बताया कि कांग्रेस जिला महासचिव पुनीत शर्मा के परिवार के छह वोट काट दिए गए हैं। वहीं कांग्रेस कार्यकर्ता अफसाना के परिवार के भी छह वोट सूची से गायब हैं।
मतदाताओं का कहना है कि किसी की भाग संख्या बदल दी गई है तो किसी का सीरियल नंबर, जिससे सूची में नाम खोजने पर भी नहीं मिल रहे हैं। कई मामलों में एक ही व्यक्ति का नाम दो अलग-अलग स्थानों पर दर्ज है। कोई मतदाता ऑनलाइन आपत्ति दर्ज करा रहा है तो कोई ऑफलाइन आवेदन कर रहा है।
हालांकि, निर्वाचन विभाग ने खामियों को दूर करने के लिए 6 फरवरी तक आपत्तियां आमंत्रित की हैं। मतदाताओं की सुविधा के लिए चुनाव कार्यालय में 24 घंटे संचालित कंट्रोल रूम भी बनाया गया है।
इन फार्मों का करें उपयोग
जिनका नाम मतदाता सूची में नहीं है या नया नाम जुड़वाना है, वे फार्म-6 भरें। नाम, पता या अन्य विवरण में संशोधन के लिए फार्म-8 भरना होगा। फार्म बीएलओ और बीएओ कार्यालय में उपलब्ध हैं। वर्ष 2003 की मतदाता सूची में नाम होने के प्रमाण, आयु प्रमाणपत्र या जन्म प्रमाणपत्र संलग्न करना आवश्यक है।
खामियों पर दर्ज कराएं आपत्ति : विनय कुमार
जिला निर्वाचन कार्यालय प्रभारी विनय कुमार भदौरिया ने बताया कि कुछ स्थानों से गड़बड़ियों की जानकारी मिली है, जिन्हें ठीक कराया जाएगा। डुप्लीकेट वोटरों की भी जांच की जा रही है। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि यदि प्रस्तावित मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की समस्या है, तो 6 फरवरी तक अनिवार्य रूप से आपत्ति दर्ज कराएं, ताकि समय रहते सुधार किया जा सके।