फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान 

विज्ञापन
file - फोटो : amarujala
विज्ञापन
बृहस्पतिवार को हुई झमाझम बारिश और ओलावृष्टि ने मौसम जनजीवन अस्तव्यस्त कर दिया। ओलावृष्टि से जहां फसलों को क्षति हुई है, बर्फीली हवाएं चलने से मौसम में ठिठुरन बढ़ गई। तापमान में तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। कृषि और मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार ओलावृष्टि से सरसों और चने की फसलों को ज्यादा नुकसान पहुंचा है। शुक्रवार को भी बारिश होने के आसार  जताए गए है। 
विज्ञापन

एक सप्ताह से मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। बृहस्पतिवार की सुबह साढ़े सात बजे हल्की बूंदाबांदी हुई।  जिले के कैडी, बाबरी, हिरनवाड़ा आदि गांवों ओलावृष्टि हुई तो किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें नजर आने लगी। हालांकि कुछ देर बाद ही ओलावृष्टि बंद हो गई। पूरे दिन आकाश मे बादल छाए रहे। दिन भर बादल छाए रहे। शाम पांच बजे के बाद बूंदाबांदी फिर शुरू हो गई। देर शाम झमाझम बारिश हुई तो जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया। इससे फूल आने के कारण चने और सरसों की फसल को नुकसान बताया गया है। उप कृषि निदेशक शिवकुमार केसरी ने बताया कि ओलावृष्टि से सरसों और चने की फसल को ज्यादातर नुकसान पहुंचा है। आलू, गन्ना, गेहूं की फसल को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। पूर्वी यमुना नहर खंड के उपराजस्व अधिकारी अंबुज कुमार ने बताया कि बृहस्पतिवार को सुबह नौ बजे तक दो एमएम बारिश रिकार्ड की गई है। शाम को हुई बारिश का डाटा शुक्रवार को मिलेगा। उधर, सरदार बल्लभ भाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय के मृदा विभाग के अध्यक्ष डाक्टर अशोक कुमार अहलुवालिया ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के चलते शुक्रवार को बादल छाए रहेंगे। बूंदाबांदी होने से एक बार फिर मौसम बिगड़ सकता है। शनिवार को मौसम में सुधार होने की संभावना है।   

बर्फीली हवाओं ने बढ़ाई ठिठुरन
शामली। बृहस्पतिवार को हुई बारिश ने जहां ठिठुरन में इजाफा कर दिया, वहीं 26 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं ने लोगों की कंपकंपी छुड़ा दी। इससे तापमान में तीन डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान नौ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बाजारों में भी सन्नाटा पसरा रहा। 
विज्ञापन


पशुओं के हरे चारे का संकट
शामली। सुबह और शाम बारिश होने से गन्ने की फसल की कटाई और छुलाई न होने से पशुओं के लिए चारे का संकट पैदा हो गया है। मौसम अभी भी ओर खराब होने की संभावना को देखते हुए किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है। किसान जगबीर सिंह, गुलाब, राजवीर, अभिनव का कहना है कि पशुओं का चारा गन्ने की फसल पर आधारित है। बारिश होने से गन्ने की कटाई और छुलाई नही हो पाएगी। पशुओं को हरा चारा की जगह भूसा खिलाया जाएगा।    
 
बारिश आई, बिजली  हुई गुल
शामली। बृहस्पतिवार की शाम बारिश होने के बाद शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। विद्युत निगम के अधीक्षण अभियंता सुनील कपूर ने बताया कि बारिश बंद होने के बाद बिजली आपूर्ति बहाल की जाएगी।   

 बारिश ने किया शादी का मजा किरकरा
 शामली। बृहस्पतिवार की शाम बारिश होने से शादी विवाह का मजा किरकरा हो गया है। शादी विवाह का जबरदस्त साहा था। शहर के अधिकांश मंडपों में शादी समारोह चल  रहे थे। बारिश होने से शादी विवाह की व्यवस्था बिगड़ गई। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें