शामली। जिला भूमि संरक्षण समिति की बैठक में नई संस्थागत व्यवस्था के माध्यम से टेक्नालॉजी को किसानों को पहुंचाने के लिए जोर दिया गया।
कलक्ट्रेट में हुई बैठक की सीडीओ विनोद कुमार सिंह ने समीक्षा करते हुए कहा कि जिले में कृृषि तकनीक प्रबंध अभिकरण की नई संस्थागत व्यवस्था के माध्यम से टेक्नोलॉजी को किसानों तक पहुंचाया जाए। आवश्यकता के आधार पर संचालित करने तथा किसानों के प्रति उत्तरदायी बनाने के उद्देश्य से सरकार द्वारा योजनाएं चलाई जा रही हैं।
जिससे किसानों के लिए फसल के उत्पादन में बढ़ोत्तरी हो सके। कृृषि उप निदेशक हरेंद्र उपाध्याय ने कहा कि एग्रीकल्चर टेक्नालॉजी मैनेजमेंट एजेंसी (आत्मा) योजना के अंतर्गत कृृषि प्रसार के लिए पब्लिक/प्राइवेट प्रसार सेवा प्रदाताओं को सम्मिलित कर बहु-एजेंसी प्रसार रणनीतियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। नियोजन प्रक्रिया में केंद्रित होने के साथ फार्मिंग सिस्टम एप्रोच के अनुरूप एकीकृृत, वृृहद आधारीय प्रसार सेवा प्रदान की जा रही है।
जिला भूमि संरक्षण अधिकारी उमेश शाहू ने बताया कि विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत चयनित विद्यमान जल निकास नालों की सफाई/खुदाई हेतु सिंचाई विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त कर जल निकास कार्यों को कराया जाएगा। बैठक में जिला मुख्य पशु चिकित्साधिकार डॉ. भूपेंद्र सिंह, जिला गन्नाधिकारी अनिल कुमार भारती, लीड बैंक से योगेंद्र पाल सिंह, डॉ. शिवकुमार, डॉ. सजीव कुमार, कृृषि वैज्ञानिक, प्रवेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।