- किसानों ने खूब किया हंगामा, नारेबाजी भी की
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। विकास भवन के सभागार में बुधवार को आयोजित किसान दिवस हंगामे की भेंट चढ़ गया। डीएम अरविंद कुमार चौहान के बाहर होने और प्रभारी एडीएम वित्त एवं राजस्व सतेंद्र कुमार के भी देर से पहुंचने पर किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। किसानों ने नारेबाजी करते हुए किसान दिवस का बहिष्कार कर दिया और सभागार से बाहर आ गए। किसानों ने खूब हंगामा किया।
कांवड़ यात्रा के डेढ़ माह बाद पहली बार किसान दिवस विकास भवन सभागार में सुबह 11 बजे आयोजित किया गया था। सुबह साढ़े दस बजे से ही किसान और अधिकारी सभागार में पहुंचने लगे। करीब 11.30 बजे एडीएम सतेंद्र कुमार, डीसीओ रणजीत सिंह कुशवाहा, उपनिदेशक कृषि प्रमोद कुमार सहित अन्य अधिकारी पहुंचे। इसी बीच उपनिदेशक कृषि ने घोषणा की कि डीएम किसी कार्य से बाहर हैं और एडीएम उनकी जगह सुनवाई करेंगे। यह सुनते ही किसानों में नाराजगी फैल गई।
भाकियू अराजनैतिक जिलाध्यक्ष कालेंद्र मलिक ने कहा कि जब डीएम किसान दिवस में मौजूद ही नहीं हैं तो कार्यक्रम का कोई औचित्य नहीं रह जाता। इसके बाद किसानों ने सामूहिक रूप से बैठक का बहिष्कार कर दिया और नारेबाजी करते हुए बाहर निकल आए।
भाकियू के प्रदेश के प्रवक्ता कुलदीप पंवार, विदेश मलिक का कहना है कि मुजफ्फरनगर और सहारनपुर जिलों में किसान दिवस में पुलिस विभाग के अफसर भी आते हैं। शामली जिले में किसान दिवस में पुलिस विभाग के अफसर तक नहीं आते। सीडीओ विनय तिवारी भी किसान दिवस में नहीं आए। वह अपने कार्यालय में बैठक लेते रहे।
रालोद छात्र सभा के कार्यकर्ता राजन जावला का कहना है कि किसान दिवस में बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता समेत बड़े अधिकारी तक नहीं आते। डीएम के आने से किसानों की समस्याओं का समाधान हो जाता है। किसानों एवं नेताओं के विकास भवन के सभागार से जाने के बाद एडीएम, डीसीओ, जिला विपणन अधिकारी प्रज्ञा शर्मा, उपनिदेशक कृषि प्रमोद कुमार सिंह, समेत अन्य अधिकारी भी अपने कार्यालय की ओर चले गए। किसानोें ने कमिश्नर से भी मामले की शिकायत करने की बात कही है।