शामली। प्रदेश सरकार द्वारा घोषित गन्ना मूल्य पर्ची पर अंकित कराने और बकाया गन्ना भुगतान की मांग को लेकर किसानों ने शामली चीनी मिल की तौल बंद करा दी। इसके बाद किसान बेमियादी धरने पर बैठ गए। मिल बंद होने से शहर के मुख्य मार्गों पर जाम लग गया।
शनिवार दोपहर बाद दो बजे शामली कांग्रेस ब्लाक अध्यक्ष हरीश चौधरी के नेतृत्व में किसानों ने शामली चीनी मिल पहुंचकर प्रदेश सरकार नारेबाजी की। पिछले साल का बकाया गन्ना भुगतान तुरंत कराने की मांग करते हुए गन्ना तौल बंद करा दी।
मौके पर चीनी मिल महाप्रबंधक आरएस सहरावत को वार्ता के लिए बुलाया। मिल महाप्रबंधक गन्ना पुलिस को लेकर मौके पर पहुंचे। किसानों ने तीन मांग रखी। इनमें 12 फरवरी तक पुराना भुगतान, 18 फरवरी तक दिसंबर तक का चालू पेराई सत्र भुगतान और घोषित गन्ना मूल्य पर्ची पर अंकित किए जाने की मांग रखी।
मिल अधिकारियों ने घोषित गन्ना मूल्य पर्ची पर अंकित करने से इंकार कर दिया। इससे किसान भड़क गए और मिल के अंदर धरने पर बैठ गए। किसान का कहना था कि दो बार मिल अधिकारियों से वार्ता हुई, जो विफल रही। उधर, किसानों द्वारा चीनी मिल का तौल बंद कराने से सड़कों पर गन्ने के वाहनों की लाइन लग गई। जिससे शहर में जाम की स्थिति बन गई।
उधर, चीनी मिल शामली के सहायक गन्ना महाप्रबंधक नरेश कुमार ने बताया कि चीनी मिल ढाई बजे बंद है। किसानों से भी वार्ता की गई है। वार्ता के दौरान कोई सहमति नहीं बन पाई है।
धरनास्थल पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश शर्मा पहुंच गए हैं। इस संबंध में विधायक पंकज मलिक से वार्ता की है। इस मौके पर मुख्य रूप से शामिल होने वालों में कृष्णपाल, सुधीर पंवार, अनिल किरोड़ी, नरेंद्र कुड़ाना, पुष्पेंद्र निर्वाल, राजीव शास्त्री, रोहित नगली, पप्पू टिटोली, प्रदीप भैंसवाल आदि मौजूद रहे।