बिडौली यमुना पुल जाम में फंसे धान से भरे वाहन । संवाद
बिडौली। मेरठ-करनाल हाईवे पर बिड़ौली यमुना पुल पर दूसरे दिन रविवार को भी किसानों और व्यापारियों के धान से लदे वाहनों को रोके रखा गया, जिससे जाम लगा रहा। इस कारण लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। 18 घंटे बाद हरियाणा प्रशासन की तरफ से धान को खरीदने की अनुमति मिली, जबकि व्यापारियों के धान से लदे वाहनों पर रोक लगी रही।
हरियाणा सरकार ने यूपी के किसानों के धान को शनिवार को प्रवेश की अनुमति नहीं दी थी। व्यापारी और किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली और ट्रकों में लदे धान को लेकर हरियाणा सीमा पर यमुना पुल खड़े रहे। इन वाहनों को हरियाणा पुलिस ने सीमा पर रोक दिया। शनिवार शाम से ही हाईवे पर वाहनों का दबाव बढ़ता गया और देखते ही देखते जाम कई किलोमीटर लंबा हो गया। रविवार को भी वाहनों के कारण जाम लगा रहा। जाम के कारण मालवाहक वाहन, दूध, सब्जी और फल जैसी रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुएं ले जाने वाले वाहन भी फंस गए। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
उप्र के बिडौली पुलिस चौकी इंचार्ज ने हरियाणा मंगलौरा पुलिस चौकी पर पहुंचकर हरियाणा के अधिकारियों से वार्ता की और काफी मशक्कत के बाद देर रात जाम खुलवाया। उन्होंने कहा कि यदि जाम और अधिक समय तक रहता तो यूपी में मेरठ–करनाल हाईवे पर यातायात पूरी तरह ठप हो जाता, जिससे लोगों को परेशानी होती।
ये बोले किसान
किसान नाथीराम निवासी लक्सर ने बताया कि उसके पास 20 बीघा जमीन है। परिवार में पांच बच्चे हैं और कोई दूसरा कमाने वाला नहीं है। अगर हमारी फसल समय पर नहीं बिकेगी तो हम परिवार का पेट कैसे पालेंगे। फसल ही हमारा एकमात्र सहारा है।किसान सुरेंद्र निवासी लक्सर ने बताया कि वह अपने खेत से 1509 किस्म की धान लेकर आया है, लेकिन हरियाणा में प्रवेश नहीं करने दिया गया। यह धान खेत से कटने के बाद 12 घंटे के भीतर खराब होने लगती है। अगर यह खराब हो गई तो हमें भारी नुकसान झेलना पड़ेगा।