गांव कांजरहेड़ी निवासी किसान अंकुर।
शामली। जल संरक्षण और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से संचालित प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत खेत तालाब योजना किसानों के लिए लाभकारी साबित हो रही है। योजना से किसान वर्षा जल का संचयन कर सिंचाई के साथ अतिरिक्त आय के साधन विकसित कर रहे हैं।
भूमि संरक्षण प्रभारी अधिकारी प्रमोद कुमार ने बताया कि गांव कांजरहेड़ी, विकासखंड शामली निवासी किसान अंकुर कुमार पुत्र सतीश कुमार ने खेत तालाब योजना अपनाकर खेती में बदलाव किया है। पहले वह गन्ने की परंपरागत खेती करते थे, जिससे सीमित आय होती थी। विभाग के प्रचार-प्रसार से जानकारी मिलने पर उन्होंने वर्ष 2020-21 में अपने खेत में लघु तालाब का निर्माण कराया। तालाब निर्माण की लागत 1.05 लाख रुपये रही, जिसमें विभाग की ओर से 52,500 रुपये अनुदान दिया गया। इसके बाद अंकुर कुमार ने तालाब में मत्स्य पालन के साथ फलोत्पादन, सब्जी उत्पादन और मधुमक्खी पालन शुरू किया।
उन्होंने बताया कि पहले गन्ने से करीब 15 हजार रुपये वार्षिक आय होती थी। खेत तालाब बनने के बाद वर्ष 2021-22 में उनकी आय बढ़कर 50,500 रुपये और वर्ष 2022-23 में 79,500 रुपये तक पहुंच गई। उन्होंने तालाब के पानी का उपयोग अमरूद के बाग, गेहूं और धान की सिंचाई में भी किया, जिससे उत्पादन बढ़ा और लागत कम हुई।
भूमि संरक्षण अधिकारी ने बताया कि इस वर्ष जनपद को खेत तालाब योजना के तहत छह लक्ष्य मिले हैं, जिनमें तीन किसानों ने पंजीकरण करा लिया है। विभाग किसानों को जल संरक्षण और योजना का लाभ लेने के लिए जागरूक कर रहा है।