सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच की। पुलिस को अस्पताल रिकॉर्ड दिखाए गए, जिनमें जन्म के समय से ही बच्ची का उल्लेख था। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि बच्ची का वजन मात्र 1.6 किलो था, जिस कारण उसे एनआईसीयू में भर्ती करना पड़ा था।
अस्पताल समिति के अतुल बंसल ने स्पष्ट किया कि प्रसव के समय ही परिजनों को बच्ची होने की जानकारी दी गई थी और रिकॉर्ड भी यही दर्शाते हैं। वहीं, परिजन डीएनए जांच कराने पर अड़े हैं, जिस पर अस्पताल संचालक भी सहमत हो गए हैं। हालांकि अब तक परिजनों ने पुलिस को कोई तहरीर नहीं दी है।