शामली। जिला उद्योग बंधु की बैठक में जिले में औद्योगिक आस्थान क्षेत्र (इंडस्ट्रियल एरिया) की सीमा विस्तार कर सड़कें, नाली और जन सुविधाएं विकसित करने की मांग उठाई गईं। उद्यमियों ने नाले संबंधी अधिकारियों की रिपोर्ट न दिए जाने पर नाराजगी जताई।
बुधवार को कलक्ट्रेट सभागार में जिला उद्योग बंधु की बैठक हुई। उद्यमियों ने कहा कि कैराना रोड पर पूर्वी दिशा की ओर सरकारी औद्योगिक आस्थान में 60 औद्योगिक इकाई हैं। जिनमें उद्यमियों को सुविधाएं मिल रही हैं। दूसरी ओर पश्चिमी दिशा की ओर कंडेला, शेखपुरा गांव की ओर प्राईवेट रुप से औद्योगिक क्षेत्र विकसित हो रहा है। जिसमें 75 औद्योगिक इकाई हैं। आईआईए के चेयरमैन अशोक मित्तल ने कहा कि औद्योगिक नाला लगभग आठ वर्ष पूर्व सिंचाई विभाग द्वारा बनाया गया था, जो चौक होकर बंद हो गया। पिछली बैठक में जांच हेतु समिति बनाई गई थी, उस समिति ने अभी तक रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की है।
रजबहे पटरी पर जो सड़क है, वह पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है। रजबहे की सफाई करते हुए सारा मलबा व मिट्टी रजबहे के किनारे डाल दिया जाता है। पिछली बैठक में भी सिंचाई विभाग द्वारा आश्वासन दिया गया था कि 31 दिसंबर तक रजबहे की पटरी पर मलवा हटवा दिया जाएगा, लेकिन वह भी नहीं उठवाया गया। डीएम ने सिंचाई विभाग से कहा कि अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाएं। मलबे की साफ सफाई का कार्य इस सप्ताह में पूरा हो जाना चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को दो दिन में औद्योगिक नाले प्रकरण की जांच कर आख्या प्रस्तुत करें।
बैठक में डीएम ने कहा कि जिला उद्योग केंद्र का पुराना ही नक्शा है, इसका सीमा विस्तार कर दोबारा नक्शा बनाए जाए। औद्योगिक संगठनों द्वारा औद्योगिक क्षेत्र विस्तार हेतु संबंधित इकाइयों का तहसील से सत्यापन कराकर अग्रिम कार्यवाही करें। मौके पर उपायुक्त उद्योग परमहंस मौर्य, लीड बैंक मैनेजर शैलेश कुमार, आईआईए के सरंक्षक अशोक बंसल, आईआईए के चेयरमैन अशोक मित्तल, उद्यमी अंकित गोयल, अनुज गर्ग, अमित जैन मौजूद रहे।