कुछ इस तरह पीड़ितों के पास कॉल कर बात कर रहे साइबर ठग
केस-1
साइबर ठग : झिंझाना थाना प्रभारी बोल रहा हूं, तुमने मारपीट की एफआईआर दर्ज कराई है। आपको कार्रवाई के लिए ही काल की है।
पीड़ित याकूब : हमारी बात पुलिस से हो तो गई थी।
साइबर ठग : गाली देते हुए, कार्रवाई करानी है कि नहीं
पीड़ित : बिल्कुल करानी है जी
साइबर ठग : मुझे एसपी साहब से कार्रवाई के लिए बात करानी पडे़गी, तुम लाइन पर ही रहो, एसपी साहब से बात कर रहा हूं
साइबर ठग.. किसी से बात करने का ड्रामा करता है, जय हिंद सर, सर बच्चे याकूब से बात हो गई है, उसके मामले में हर हाल में कार्रवाई करानी है
कितने रुपये ले लूं, जय हिंद सर
साइबर ठग- छह हजार रुपये जल्दी गूगल पे करा दो, एसपी साहब को भेजने हैं
पीड़ित : आप कौन बोल रहे हो
साइबर ठग- थाना प्रभारी बोल रहा हूं, सुनाई कम देता है क्या
पीड़ित : ओके थाने आ रहा हूं।
केस-2
शामली के पीड़ित सिद्धार्थ ने दो दिन पूर्व ही मारपीट और अन्य आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया था।
साइबर ठग : सिद्धार्थ बोल रहे हो
पीड़ित : जी सर
साइबर ठग : तुमने एफआईआर दर्ज कराई है, आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करुंगा, एसपी कार्यालय से बोल रहा हूं, मगर कुछ खर्चा देना पड़ेगा
पीड़ित: साहब, हम तो गरीब आदमी है, कितने रुपये लगेंगे
साइबर ठग: एसपी से बात करने का ड्रामा करता है, इसके बाद कहता है, तुम दस हजार रुपये गूगल पे करा दो, साहब की फीस और गिरफ्तारी वारंट इसमें ही हो जाएगा।
पीड़ित : आपका क्या नाम है
साइबर ठग : इंस्पेक्टर ओमेंद्र।
पीड़ित : मां से लेकर रुपये डलवाता हूं।
ये दो मामले तो बानगी भर मात्र हैं। पिछले दो से तीन दिन से शामली जिले के विभिन्न थानों में एफआईआर दर्ज कराने वालों के नंबर लेकर साइबर ठग लोगों के पास कॉल कर रहे हैं। हालांकि, अभी तक ठगी का कोई मामला सामने नहीं आया है।
पुलिस किसी भी पीड़ित के पास इस तरह की कॉल नहीं करती है। पीड़ित किसी को भी रुपये नहीं दे। साइबर ठग ही इस तरह की कॉल कर रहे हैं। यदि कोई असमंजस की स्थिति है तो थाना प्रभारी, सीओ या फिर मेरे नंबर पर कॉल कर लें। एफआईआर उठाकर लोगों के पास कॉल करने के मामले की जांच शुरू कर दी है। जल्द ही गिरोह का भंड़ाफोड किया जाएगा। -संतोष कुमार, एएसपी शामली
नोट: यदि आपके साथ भी किसी तरह की कोई साइबर ठगी हुई है तो हमारे व्हाट्सएप नंबर 9548521732 पर शेयर कर दें। उसे अखबार में प्रकाशित किया जाएगा।