पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स मेरठ ने झिंझाना के एचपी पंजाबी ढाबा से करनाल के ज्योतिनगर के रहने वाले प्रवीण कुमार, करनाल के अलावसा असान्ध के रहने वाले विकास कुमार, बागपत के छपरौली के शबगा के रहने वाले युगराज और शामली के काकानगर के रहने वाले गौरव कुमार को गिरफ्तार किया था। जिनकी निशानदेही पर करीब दो कुंतल डोडा, चार किलो चरस बरामद की गई थी।
अधिकारियों के अनुसार, जांच में सामने आया है कि वेस्ट यूपी, हरियाणा के करनाल और अन्य जिलों के लोगों ने नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए गिरोह बनाया हुआ है।
पिछले करीब तीन साल से यूपी के बदायूं के अलावा मध्य प्रदेश के भोपाल, छिंदवाड़ा, दतिया, ग्वालियर, होशंगाबाद , राजस्थान के कई जिलों से तस्करी कर नशा लाया जाता है, जिन्हें वेस्ट यूपी के शामली के अलावा, बागपत , बुलंदशहर, बिजनौर, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, पानीपत, करनाल, दिल्ली, एनसीआर के विभिन्न जिलों में होटल, ढाबों और दो राज्यों की सीमा वाले स्थानों पर ट्रक चालकों को बेचा जा रहा है। कोड वर्ड ट्रक चालक और ग्राहकों को पता होते हैं। कोड वर्ड बोलते ही तुरंत ही नशा उपलबध करा दिया जाएगा।
वेस्ट यूपी, हरियाणा के कई लोग रडार पर
एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स मेरठ के डीएसपी राजेश कुमार ने बताया कि अभी अंतरराज्यीय गिरोह के चार सदस्यों को पकड़ा गया है। वेस्ट यूपी, हरियाणा के कई लोग रडार पर है। जांच शुरू कर दी है। पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी जांच की जाएगी। गिरोह में जो भी सदस्य शामिल होंगे, उन्हें नहीं बख्शा जाएगा।
कोई शक नहीं करें, बाल्टी को जमीन में गाड़कर उसके अंदर रखते हैं नशीले पदार्थ
डीएसपी राजेश ने बताया कि गिरोह के संबंध में एक चौंकाने वाली बात सामने आई। ढाबों पर गिरोह के सदस्यों ने गुर्गें रखे हुए हैं। डोडा या फिर चरस को ढाबों के अंदर नहीं रखा जाता बल्कि ढाबों में पेंट वाली बाल्टियों को गाड़कर उनके नीचे नशीले पदार्थ रखे जाते हैं। बाल्टियों के ऊपर खड़े होकर ही गुर्गें खाना की आड़ में नशे की बिक्री करते हैं। कोड वर्ड पता चलते ही तुरंत ही ट्रक चालक या फिर लोगों को नशा उपलब्ध करा दिया जाता है।
डोडा पाउडर की होती है बिक्री
ढाबों और होटलों पर डोडा को पीसकर उसका पाउडर तैयार कराया जाता है। डोडा पाउडर 4 हजार रुपये किलो जबकि चरस के एक ग्राम के एक हजार रुपये लिए जाते हैं, जबकि बदायूं और मध्य प्रदेश से डोडा करीब 1500 रुपये किलो और चरस 200 रुपये की एक ग्राम के हिसाब से लाई जाती है। इसके अलावा पुडिया में भी नशीले पदार्थों की बिक्री की जाती है।
होटल मालिकों का चल रहा गठजोड़
पुलिस ने ढाबा मालिक गौरव और करनाल के प्रवीण को पकड़ा है। जांच में सामने आया है कि नशा बेचने के लिए ढाबा मालिकों का गठजोड़ चल रहा है। व्हाट्सएप के माध्यम से भी सभी एक दूसरे के संपर्क में रहते हैं। कोई टीम छापामारी करती है तो उसकी सूचना तुरंत ही दूसरे ढाबे पर दे दी जाती है। नशा भी पार्टनरशिप में मंगाया जाता है। पकड़े गए आरोपियों ने कहा कि वह नशा बेचकर चंद दिनों में अमीर बनना चाहते थे, जिसके कारण तेजी से नशा बेचा जा रहा था।
इन्होंने कहा
नशीले पदार्थों की बिक्री करने वालों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। बिक्री करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में जानकारी हासिल की जा रही है। लोगों से भी अपील है कि नशा बेचने वालों की सूचना पुलिस को दें, तुरंत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।-अभिषेक, एसपी शामली