शामली के सलेक विहार मोहल्ले में ईडी के छापे के दौरान मौजूद सीआरपीएफ के जवान। संवाद
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शामली। अधिकारियों ने बताया कि छह माह से नवाब और अन्य एजेंटों की गतिविधियों को ईडी की टीम शामली में देख रही थी। इसके लिए दो टीमों को लगाया गया था। निवेश की बात स्पष्ट होने के बाद ही छापा मारा गया। जांच में पता चला है कि नवाब के यहां हर रोज निवेश करने वाले लोगों की भीड़ रहती थी। कुछ लोगों ने तो पांच से लेकर आठ लाख रुपये तक जमीन बेचकर तो किसी ने कर्ज पर रुपये लेकर कंपनी में निवेश किया था। अब सभी को रुपये फंसने का डर सता रहा है।
गिरोह के दस से अधिक सदस्य किए जा चुके गिरफ्तार
ईडी के अनुसार, कंपनी में निवेश कराकर रुपये ठगने के मामले में हिमाचल की मंडी पुलिस दस से अधिक आरोपियेां को गिरफ्तार कर चुकी है।किपंनी के डायरेक्टर राजेंद्र सूद खुद को समाज सेवी बताता था। राजेंद्र समेत दस से अधिक आरोपियों को इस मामले में जेल भेजा जा चुका है।
इस तरह रुपये लगवाते हैं एजेंट
सूत्रों के अनुसार, कंपनी में रुपये इनवेस्ट कराने वालों ने अलग अलग तरह के प्लान बनाए हुए हैं। यदि कोई सदस्य कंपनी में एक लाख रुपये इनवेस्ट करता है तो उसे हर माह आठ हजार रुपये वापस खाते में भेजने का झांसा दिया जाता है। यदि चार लाख रुपये कोई लगाता है तो उसे 80 हजार रुपये तक हर माह दिए जाते हैं। एजेंट लोगों को रुपया नहीं फंसने की गारंटी देते हैं। कुछ एजेंट लोगों को झांसे में लेने के लिए रुपये लगाने के बदले कोरे कागज पर हस्ताक्षर कराने का झांसा भी दे रहे थे।
20 खाते फ्रीज किए
अधिकारियों के अनुसार अभी तक ठगों के 20 से अधिक खातों को भी फ्रीज कराया जा चुका है। कई अन्य खाते भी रडार पर है। नवाब के कई खातों में भी लाखों का लेनदेन मिला है।