जलालाबाद जैन मन्दिर में प्रवचन करते जैन मुनि
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जलालाबाद। श्री 1008 पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर अतिशय क्षेत्र में पहली बार आचार्य संत शिरोमणि 108 विद्यासागर महाराज के परम शिष्य जैन मुनि श्री 108 वीरसागर, विशाल सागर, धवल सागर जी महाराज के सानिध्य में श्री 1008 पार्श्वनाथ भगवान की पहली बार रिद्धि, सिद्दी मंत्रों से शांति धारा पाठ का आयोजित किया गया। जैन संतों ने हर जीव की रक्षा करने और अहिंसा के सिद्धांत का पालन करने पर जोर दिया।
रविवार श्री 1008 पार्श्वनाथ दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र में आचार्य संत शिरोमणि 108 विद्या सागर महाराज के परम शिष्य जैन मुनि श्री 108 वीरसागर, विशाल सागर, धवल सागर महाराज के सानिध्य में श्री 1008 पार्श्वनाथ भगवान की पहली बार रिद्धि,सिद्दी मंत्रो से शांति धारा पाठ का आयोजित किया गया। जैन प्रतिष्ठाचार्य पंडित राजकुमार जैन ने विधान कार्यक्रम मंत्रोचारण के साथ विधिविधान से संपन्न कराया। विधान कार्यक्रम में आचार्य संत शिरोमणि 108 वीरसागर महाराज, विशाल सागर महाराज धवल सागर महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि यह क्षेत्र अति प्राचीन है और हिंदु मुस्लिम एकता का प्रतीक रहा है। जीव को अहिंसा के सिद्धांत का पालन करने का आह्वान किया। जीव को जीवन में किसी भी प्रकार की हिंसा नही करनी चाहिए। सभी जीवों में एक शुद्ध आत्मा है। मौके पर प्रबंध समिति के अध्यक्ष सुशील जैन, सतेंद्र जैन, राकेश जैन, धनप्रकाश जैन, उमेश जैन, सुभाष चंदजैन, मुकेश जैन, तरुण जैन, सचिन जैन, सनत कुमार जैन आदि का सहयोग रहा।
जलालाबाद जैन मन्दिर में प्रवचन सुनते जैन समाज के लोग- फोटो : SHAMLI