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Shamli News: नन्हें रोजेदार भी दे रहे सब्र और जज्बे का इम्तिहान

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शामली में रमजान की खबर से सम्ब​धित बच्चो के फोटो आफिया ।
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रोज रखकर खुदा की इबादत में लगे हैं नन्हें रोजेदार
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फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। रमजान में छोटे बच्चे भी रोजा रख इबादत कर रहे हैं। रब को राजी करने में बच्चे भी पीछे नहीं है। कई बच्चे ऐसे हैं, जो सभी रोजे रख रहे हैं। रोजे में भूखे-प्यासे रहकर पांचों वक्त रब की बारगाह में सजदा कर दुआ मांग रहे हैं।
बच्चों का जज्बा और सब्र देखकर बड़े भी उनके कायल हो रहे हैं। माह-ए-रमजान इस्लाम में 12 महीनों में सबसे खास माना जाता है। इसमें हर बालिग के ऊपर रोजा रखना फर्ज है, लेकिन छोटे बच्चे भी रब को राजी करने के लिए पीछे नहीं हैं। वह भी पूरी कसरत के साथ इबादत में जुटे हैं और रोजे रख रहे हैं।
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शामली की टायर मार्किट के रहने वाले 12 साल के मुहम्मद अली ने बताया कि उसने अभी तक केवल तीन ही रोजे छोड़े हैं। वो भी इस वजह से कि सुबह सेहरी में आंख नहीं खुली। 12 साल के मुहम्मद जैद ने बताया कि इस बार सभी रोजे रख रहा हूं।
10 साल की आलिया ने बताया कि सेहरी में उठना बहुत अच्छा लगता है। हर रोज रोजा रखना चाहती हूं, लेकिन अम्मी केवल जुमे का ही रोजा रखवाती है । 8 साल की छोटी बच्ची आफिया ने बताया कि इफ्तार करना बहुत अच्छा लगता है।रब उन्हें हिम्मत और सब्र दे रहा है। भूख-प्यास बिल्कुल नहीं सता रही है।
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मदरसा इमदादिया राशीदिया के मोहतमिम मुफ्ती साजिद कासमी ने बताया कि बच्चों पर रोजे रखना फर्ज नहीं है , लेकिन बच्चे रोजे रख लेते हैं। इससे अल्लाह ताआला भी खुश होते हैं।

शामली में रमजान की खबर से सम्बधित बच्चो के फोटो आफिया ।

शामली में रमजान की खबर से सम्बधित बच्चो के फोटो आफिया ।

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