शामली। ऊन चीनी मिल में 300 केएल की क्षमता के डिस्टलरी प्लांट से एथेनॉल तैयार किया जा रहा है। ऊन चीनी मिल में पश्चिमी उत्तर प्रदेश का सबसे बडा एथेनॉल प्लांट है। यहां से पानीपत-मेरठ और मथुरा में बिक्री के लिए भेजा जा रहा है।
वेस्ट यूपी की गन्ना बेल्ट के रूप में शामली जिले में शामली, ऊन, थानाभवन, मुजफ्फरनगर जिले में तितावी, मंसूरपुर, खतौली, भैंसाना, रोहाना, मोरना, खाईखेडी, टिकौला, बागपत जिले में रमाला, बागपत, मलकपुर और सहारनपुर जिले में शाकुंभरी, सरसावा, ननौता, देवबंद, गांगनौली, गागलहेड़ी, शेरमऊ चीनी मिलें हैं। शामली चीनी मिल में 100 किलोलीटर की डिस्टलरी प्लांट था। शामली चीनी मिल का 100 किलोलीटर की डिस्टलरी प्लांट पिछले डेढ़ साल से बंद पड़ा है।
थानाभवन चीनी मिल का डिस्टलरी प्लांट सहारनपुर जिले के गागलहेड़ी में है। मुजफ्फरनगर जिले की चीनी मिल मंसूरपुर, खतौली समेत तीन डिस्टलरी प्लांट हैं। इसमें दो प्लांट चालू है। बागपत जिले में तीन चीनी मिलाें के पास डिस्टलरी प्लांट नहीं है। ऊन चीनी मिल के डिस्टलरी प्लांट का राणा समूह द्वारा तीन साल से निर्माण चल रहा था। ऊन चीनी मिल का डिस्टलरी प्लांट इस साल अप्रैल माह में बनकर तैयार हो गया है।
मई माह से डिस्टलरी प्लांट में मक्का और चावल से एथेनॉल तैयार किया जा रहा है। जिला आबकारी अधिकारी आरिफ जमील ने बताया कि ऊन चीनी मिल की 300 किलो लीटर की क्षमता का प्लांट है, यह पश्चिमी यूपी में सबसे बड़ा प्लांट है। एथेनॉल पानीपत, मेरठ और मथुरा में बिक्री के लिए भेजा जा रहा है।