शामली। जिलेभर में बोगस फर्माें के नाम पर उद्यमियों, व्यापारियों का जीएसटी विभाग के कुछ अधिकारी ही उत्पीड़न कर रहे हैं। छापे के नाम पर मोटी रकम वसूली जाती है। जिससे उद्यमी परेशान हैं। उद्यमियों ने औद्योगिक क्षेत्र में जीएसटी के अतिरिक्त कमिश्नर ग्रेड वन धीरेंद्र प्रताप सिंह के साथ आयोजित बैठक में समस्याओं को रखा।
मंगलवार को सहारनपुर मंडल के जीएसटी के अतिरिक्त कमिश्नर ग्रेड वन शामली में करनाल रोड पर राज्य कर विभाग के कार्यालय पर पहुंचे। इस मौके पर राज्य कर विभाग के डिप्टी कमिश्नर प्रशासन विजय कुमार और डिप्टी कमिश्नर डॉ. लोमेश कुमार मौजूद रहे। उन्होंने जिले के टैक्स अधिवक्ताओं को पंजीयन बढ़ाने, बोगस फर्माें की दस दिन में जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ईंट भट्ठा व्यापारी समय पर रिटर्न दाखिल करें। समय पर रिटर्न दाखिल न करने पर व्यापारियों के खिलाफ अर्थदंड की कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर टैक्स बार एसोसिएशन के अध्यक्ष वीपी सिंह, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विकास शर्मा समेत अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे।
बाद में पानीपत रोड पर कंडेला औद्योगिक क्षेत्र में आईआईए और साईमा, लघु उद्योग भारती की ओर से संयुक्त कार्यक्रम में मंडल के जीएसटी के अतिरिक्त कमिश्नर के समक्ष उद्यमियों ने समस्याएं रखीं। साईंमा एवं लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष अंकित गोयल ने कहा कि जीएसटी अधिकारियों द्वारा उद्यमियों व व्यापारियों का उत्पीड़न किया जा रहा है। उद्यमियों, व्यापारियों के प्रतिष्ठानों में छापा मारकर रुपये वसूले जाते हैं। सचल दल के अधिकारियों द्वारा 36 से लेकर 54 प्रतिशत तक पेनल्टी विभाग द्वारा ली जाती है, जो गलत है।
आईआईए के चेयरमैन आशीष जैन ने शामली में बोगस बिल खरीद के सर्वे के नाम पर उद्यमियों पर दबाव बनाकर जांच के नाम पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए इसे रोकने की मांग उठाई। उद्यमियों ने कहा कि जिले से दूसरे प्रदेशों की माल की गाड़ियां प्रतिदिन बिना बिल के जा रहीं हैं, जिन पर रोक नहीं है। अतिरिक्त कमिश्नर ने कहा कि उद्यमियों, व्यापारियों का उत्पीड़न नहीं होने दिया जाएगा। समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान होगा।
इस अवसर पर आईआईए के पूर्व चेयरमैन अशोक बंसल, आलोक जैन, आईआईए के पूर्व चेयरमैन अनुज गर्ग, विशाल गुप्ता, अमित जैन, अशोक मित्तल तुषार कुच्छल, अपूर्व जैन, मयंक जैन आदि उद्यमी उपस्थित रहे।