शामली। शिशु शिक्षा समिति के पश्चिमी उप्र के प्रदेश निरीक्षक शिवकुमार शर्मा ने प्रधानाचार्यों से कहा कि छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा के साथ विभिन्न प्रकार के खेलों में प्रतिभाग करने के लिए प्रोत्साहित करें।
रविवार को सरस्वती शिशु विद्या मंदिर जूनियर हाईस्कूल शामली में चल रहे तीन दिवसीय प्रधानाचार्य कार्य योजना बैठक का का समापन हुआ। समापन अवसर पर शिशु शिक्षा समिति के पश्चिमी उप्र के प्रदेश निरीक्षक शिवकुमार शर्मा ने प्रधानाचार्यों से कहा कि खेलों से पूरे शरीर का विकास होता है, इसलिए शिक्षा के साथ खेलों के लिए भी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करें। इंडोर गेम की अपेक्षा आउटडोर गेम शारीरिक दृष्टि से ठीक रहते है।
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ के पूर्व प्रोफेसर अरुण सोलंकी ने बताया कि शिक्षा में मूलभूत परिवर्तन करना नई शिक्षा नीति 2020 का उद्देश्य है। बच्चों को निरंतर अभ्यास बनाए रखने की आवश्यकता है, क्योंकि कोरोना काल में बच्चों में देर से उठना तथा पढ़ाई के प्रति उदासीनता होना पाया गया है। इस दौरान मोबाइल आदि से शिक्षा ग्रहण करना अनिवार्य हो गया था, इससे उनकी आंखों पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ा है। इसलिए विद्यार्थियों को प्यार दुलार से शिक्षित करना है। इस अवसर पर प्रांतीय शैक्षिक प्रमुख महेश चंद शर्मा, विद्या भारती के प्रांतीय संगठन मंत्री तपन कुमार, विद्यालय के अध्यक्ष चंद्रदेव, उपाध्यक्ष चंचल गोयल, प्रबंधक गुलशन राय, कोषाध्यक्ष दीपक गुप्ता, शिशु कल्याण समिति के अध्यक्ष देवराज देवरा, प्रधानाचार्य संजय कुमार सैनी, आनंद कुमार शर्मा, रविंद्र कुमार, प्रकाशवीर, आचार्य सुधीर सैनी, रविंद्र कुमार, आशीष जैन, शिवकुमार धीमान ,सुनील कुमार, प्रवेश शर्मा, मोहित कुमार, रामकुमार, रमा शर्मा, रिचा संगल, सविता गुप्ता, साक्षी शर्मा, सुधा शर्मा, लक्ष्मी गर्ग आदि मौजूद रहे।