बकाया गन्ना मूल्य भुगतान की मांग को लेकर ऊन चीनी मिल पर चल रहा धरना 59 वें दिन मिल मालिक और किसानों के बीच वार्ता के बाद समाप्त हो गया। धरने पर बैठे किसानों ने मिल मालिक से बकाया भुगतान को तीन किश्तों में लेने की बात कही, जिस पर मिल मालिक ने सहमति जताई और किसानों की सभी शर्तों को मान लिया। इसके बाद किसानों ने शुगर मिल का गेट खुलवा दिया।
ऊन स्थित सुपीरियर फूड ग्रेंस प्राइवेट लिमिटेड चीनी मिल पर क्षेत्र के किसान 59 दिन से बकाया भुगतान की मांग को लेकर धरना दे रहे थे। तब से चीनी मिल का गेट भी नहीं खोलने दिया गया था।
इसके चलते चीनी मिल में गन्ना पेराई सत्र भी शुरू नहीं हो सका। बुधवार को शुगर मिल के मैनेजिंग डायरेक्टर राणा इंद्रप्रताप सिंह, महाप्रबंधक जीएस खेरा किसानों के बीच पहुंचे और बकाया भुगतान पर किसानों से वार्ता की। इस दौरान किसानों ने मिल मालिक के सामने बकाया भुगतान को तीन किश्तों में लेने की बात रखी।
किसानों ने अपनी शर्तों में कहा कि गन्ने के बकाया 53 करोड़ रुपये में से पहली किश्त 17 करोड़ रुपये मिल चलने के पांच दिन बाद, दूसरी किश्त 25 दिसंबर और बाकी 10 जनवरी व आगामी पेराई सत्र का भुगतान 14 वें दिन करने तथा मिल प्रबंधन की ओर से किसानों के खिलाफ दायर वाद वापस लेने की शर्त रखी गई।
मिल प्रबंधन ने किसानों की सभी शर्तें मान लीं। इसके बाद किसानों ने धरना समाप्त करने की घोषणा कर दी। इस दौरान राजवीर ऊन, भास्कर चौधरी, मनोज चौधरी, कपिल पिंडोरा, जगमेर पिंडोरा, पप्पू प्रधान गागोर, लोकेश कुमार, बेदपाल चिकारा, नीटू ऊन, रालोद जिलाध्यक्ष ऋषिराज राझड़, अनवार चौधरी, मोनू चिकारा आदि रहे।