जलालाबाद। कस्बे में पंजाब नेशनल बैंक शाखा में करीब दो करोड़ रुपये के गबन में तीन माह बाद भी रकम वापस न मिलने से आक्रोशित उपभोक्ताओं ने सोमवार को बैंक के मुख्य गेट पर चार घंटे तक धरना-प्रदर्शन किया। उपभोक्ताओं ने नारेबाजी करते हुए बैंक का गेट बंद कर दिया।
इस दौरान सपा नेता ठाकुर शेर सिंह राणा ने बताया कि पिछले सप्ताह बैंक प्रबंधन को आरोपी अंकुर सैनी के खाते का स्टेटमेंट उपलब्ध कराने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया था। इसके बाद भी जानकारी नहीं दी गई। धरने के दौरान शाखा प्रबंधक मानवेंद्र सिंह ने पहुंचकर फोन के जरिये एलडीएम अनिल कुमार से वार्ता कराई, लेकिन प्रदर्शनकारी एलडीएम को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे।
उपभोक्ताओं ने आरोपी अंकुर सैनी के बैंक खाते का पूरा लेन-देन विवरण (स्टेटमेंट) तुरंत सार्वजनिक करने, बैंक द्वारा फ्रीज किए गए संदिग्ध खातों की सूची नोटिस बोर्ड पर चस्पा करने, सभी पीड़ित खाताधारकों की हड़पी गई राशि बिना देरी खातों में वापस करने की मांग की। मौके पर पहुंचे एलडीएम अनिल कुमार ने बताया कि मामले में 300 से अधिक उपभोक्ताओं के प्रार्थना पत्र मिले हैं, जिनकी शामली कार्यालय में जांच की गई है।
जांच रिपोर्ट के आधार पर पीड़ितों के खातों में राशि ट्रांसफर की जाएगी। एलडीएम द्वारा स्टेटमेंट के लिए मंडल अधिकारियों से वार्ता हेतु एक सप्ताह का अतिरिक्त समय मांगने पर उपभोक्ता भड़क उठे और बैंक शाखा का शटर बंद कर दिया, जिसे बाद में पुलिस ने खुलवाया। इसी गहमागहमी के बीच जलालाबाद निवासी महारुना अचानक बेहोश होकर गिर गई। लगभग 15 मिनट महिला को होश आया। एलडीएम ने आश्वासन दिया कि डूबी रकम की जांच रिपोर्ट 20 सितंबर तक बैंक परिसर में चस्पा कर दी जाएगी।
शेर सिंह राणा ने चेतावनी दी कि यदि 20 तारीख तक बैंक ने स्टेटमेंट जारी नहीं किया, तो वे स्वयं अपने स्तर से स्टेटमेंट चस्पा करेंगे। चार घंटे बाद धरना समाप्त हुआ। धरने में तासीन मंसूरी, हामिद चौधरी, नफीस, फरमान, अकबर मंसूरी, कविता, राघबरी, विमलेश, शाइदा, मूर्ति आदि उपभोक्ता मौजूद रहे। एलडीएम ने बताया कि मामले की जांच चल रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
जलालाबाद में बैंक के गेट के बाहर धरने पर बेहोश हुई महिला। संवाद