शामली। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत 70 वर्ष व उससे अधिक आयु के बुजुर्गों के आयुष्मान कार्ड जिले में बनने शुरू हो गए हैं, लेकिन पोर्टल की गति धीमी होने के कारण बुजुर्गों को कार्ड बनवाने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। जिले में अभी तक बुजुर्गों के मात्र 293 आयुष्मान कार्ड ही बन पाए है।
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत लाभार्थियों को पांच लाख रुपये तक के इलाज की मुफ्त सुविधा दी जाती है। मरीजों को यह सुविधा इस योजना के पैनल में शामिल सरकारी व निजी अस्पतालों में उपलब्ध कराई जाती है। पिछले महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 70 साल और इससे अधिक आयु के सभी बुजुर्गों के आयुष्मान कार्ड बनाए जाने की घोषणा की थी।
एक नवंबर से आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए पोर्टल चालू हुआ था। इसके बाद बुजुर्गों के आयुष्मान कार्ड बनने शुरू हुए। पोर्टल धीमा चलने या बीच-बीच में बंद होने के कारण आयुष्मान कार्ड बनने में समय लग रहा है। इसके लिए बुजुर्गों को इंतजार करना पड़ रहा है।
सीएचसी शामली पर एक दिन में 10-12 बुजुर्गों के ही आयुष्मान कार्ड बन रहे हैं। डाटा ऑपरेटर अशोक कुमार ने बताया कि पोर्टल धीमा चलने से आयुष्मान कार्ड बनने में थोड़ा समय लग रहा है, लेकिन जो भी बुजुर्ग आ रहे हैं, उन सभी के आयुष्मान कार्ड बनाए जा रहे हैं।
n आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए आधार कार्ड जरूरी : 70 वर्ष या इससे अधिक आयु के लाभार्थी जिला अस्पताल, सभी सीएचसी, आशा, पंचायत सहायक के यहां आयुष्मान कार्ड बनवा सकते हैं। आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए आधार कार्ड जरूरी है। आधार कार्ड में अंकित जन्म तिथि के आधार पर 70 वर्ष की आयु पूरी करने वाले और इससे अधिक आयु के बुजुर्गों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा रहे हैं।